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बिजली की अधूरी योजनाएं
Updated Mon, 12 Nov 2018 04:48 AM IST
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योजनाएं तो कई शुरू हुईं मगर पूरी एक भी नहीं हुईं
- बिजली विभाग का हाल, तीन वर्षों में बनाई गई ज्यादातर योजनाएं के टेंडर भी नहीं हुए जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिले में बिजली आपूर्ति को सुचारु करने के लिए विद्युत निगम ने पिछले तीन वर्षों में कई योजनाएं बनाई थीं। मगर आज तक इनमें से अधिकतर योजनाएं अधर में हैं और उनके लिए टेंडर तक नहीं हुए हैं। इससे जर्जर तारों को बदलने, स्मार्ट मीटर लगाने, एसएमएस से बिजली कटौती की सूचना देने और पुरानी सोसाइटियों में पैनल बाक्स न बदलने जैसी योजनाएं ठंडे बस्ते में चले गए हैं। पेश है मनोज कुमार की एक रिपोर्ट।
बदले नहीं गए जर्जर तार और पोल
विद्युत निगम द्वारा पूरे जिले में जर्जर तार टूटने से हो रहे हादसों को रोकने के लिए पुराने तारों को बदलने की योजना बनाई थी। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 300 किलोमीटर लंबी लाइन औरनोएडा में करीब 80 किलोमीटर लंबी लाइन के तार बदले जाने थे। मगर अभी तक कार्य ही शुरू ही नहीं हो सका है। इससे आए दिन जर्जर तारों से हादसे हो रहे हैं।
मोबाइल पर बिल और बिजली कटौती की सूचना
विद्युत विभाग ने हाइटेक शहरवासियों के मोबाइल नंबर पर उनका बिजली का बिल भेजने और बिजली कटौती होने की जानकारी देनी थी। जिले में 3.5 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं और आज तक निगम मोबाइल नंबर तक नहीं जुटा पाया है। यह योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गई। जबकि इससे सबसे अधिक प्रभावित उपभोक्ता होते हैं।
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स्मार्ट मीटर योजना नहीं चढ़ी परवान
बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर लगाने की महत्वाकांक्षी योजना थी। इसमें हर घर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे। यह स्मार्ट मीटर इंटरनेट से जुड़े होते और विभाग के अफसर आफिस से ही इसे आपरेट करके देख सकते हैं कि किस घर में मीटर को बाईपास किया गया है और कहां चोरी की जा रही है। मगर स्मार्ट मीटर लगाने की अभी तक शुरुआत ही नहीं हो पाई है।
एटीएम मशीन से बिल जमा करने की योजना भी हुई फेल
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए सहूलियत देने के लिए मॉल, मेट्रो स्टेशन समेत ऐसे स्थानों पर मशीन लगाकर बिल जमा कराने की सुविधा देने की योजना थी। मगर एक मशीन को लाकर सेक्टर-18 कॉल सेंटर पर ट्रायल के लिए लगाया गया था। मगर वह भी पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई है।
मीटर पैनल बाक्स हो गए हैं जर्जर
प्राधिकरण ने स्थापना के बाद शहर को बसाने के लिए कुछ आवासीय सोसाइटी बनाई थीं। इनमें लोगों को पजेशन देने के दौरान मीटर पैनल बाक्स लगाए थे। जो अब पूरी तरह जर्जर होकर दीवार से गिरने लगे हैं। विभाग ने इन्हें बदलने की योजना बनाई थी मगर अभी तक उनका टेंडर भी नहीं हो पाया है।
आपातकालीन ट्रांसफॉर्मर ट्राली
नोएडा की प्रत्येक डिवीजन में एक आपातकालीन ट्रांसफॉर्मर ट्राली बनानी थी। जिस पर एक ट्रांसफॉर्मर हमेशा लगा रहता है। अगर किसी सेक्टर या सोसायटी का ट्रांसफॉर्मर फुंक जाए तो आधे घंटे में वहां पर ट्रंासफॉर्मर ट्राली को लगाकर विद्युत आपूर्ति सुचारु की जा सके। मगर यह योजना भी फाइलों तक ही सीमित होकर रह गई।
जिले में जर्जर तार और पोल बदलने का काम दिसंबर से शुरू कर दिया जाएगा। पैनल बाक्स बदलने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ट्रांसफार्मर ट्राली की योजना की जरूरत होगी तो उसे भी बनवाया जाएगा। बाकी योजनाओं पर भी जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। - एसके वर्मा, मुख्य अभियंता यूपीपीसीएल, नोएडा
- बिजली विभाग का हाल, तीन वर्षों में बनाई गई ज्यादातर योजनाएं के टेंडर भी नहीं हुए जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिले में बिजली आपूर्ति को सुचारु करने के लिए विद्युत निगम ने पिछले तीन वर्षों में कई योजनाएं बनाई थीं। मगर आज तक इनमें से अधिकतर योजनाएं अधर में हैं और उनके लिए टेंडर तक नहीं हुए हैं। इससे जर्जर तारों को बदलने, स्मार्ट मीटर लगाने, एसएमएस से बिजली कटौती की सूचना देने और पुरानी सोसाइटियों में पैनल बाक्स न बदलने जैसी योजनाएं ठंडे बस्ते में चले गए हैं। पेश है मनोज कुमार की एक रिपोर्ट।
बदले नहीं गए जर्जर तार और पोल
विद्युत निगम द्वारा पूरे जिले में जर्जर तार टूटने से हो रहे हादसों को रोकने के लिए पुराने तारों को बदलने की योजना बनाई थी। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 300 किलोमीटर लंबी लाइन औरनोएडा में करीब 80 किलोमीटर लंबी लाइन के तार बदले जाने थे। मगर अभी तक कार्य ही शुरू ही नहीं हो सका है। इससे आए दिन जर्जर तारों से हादसे हो रहे हैं।
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मोबाइल पर बिल और बिजली कटौती की सूचना
विद्युत विभाग ने हाइटेक शहरवासियों के मोबाइल नंबर पर उनका बिजली का बिल भेजने और बिजली कटौती होने की जानकारी देनी थी। जिले में 3.5 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं और आज तक निगम मोबाइल नंबर तक नहीं जुटा पाया है। यह योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गई। जबकि इससे सबसे अधिक प्रभावित उपभोक्ता होते हैं।
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स्मार्ट मीटर योजना नहीं चढ़ी परवान
बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर लगाने की महत्वाकांक्षी योजना थी। इसमें हर घर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे। यह स्मार्ट मीटर इंटरनेट से जुड़े होते और विभाग के अफसर आफिस से ही इसे आपरेट करके देख सकते हैं कि किस घर में मीटर को बाईपास किया गया है और कहां चोरी की जा रही है। मगर स्मार्ट मीटर लगाने की अभी तक शुरुआत ही नहीं हो पाई है।
एटीएम मशीन से बिल जमा करने की योजना भी हुई फेल
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए सहूलियत देने के लिए मॉल, मेट्रो स्टेशन समेत ऐसे स्थानों पर मशीन लगाकर बिल जमा कराने की सुविधा देने की योजना थी। मगर एक मशीन को लाकर सेक्टर-18 कॉल सेंटर पर ट्रायल के लिए लगाया गया था। मगर वह भी पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई है।
मीटर पैनल बाक्स हो गए हैं जर्जर
प्राधिकरण ने स्थापना के बाद शहर को बसाने के लिए कुछ आवासीय सोसाइटी बनाई थीं। इनमें लोगों को पजेशन देने के दौरान मीटर पैनल बाक्स लगाए थे। जो अब पूरी तरह जर्जर होकर दीवार से गिरने लगे हैं। विभाग ने इन्हें बदलने की योजना बनाई थी मगर अभी तक उनका टेंडर भी नहीं हो पाया है।
आपातकालीन ट्रांसफॉर्मर ट्राली
नोएडा की प्रत्येक डिवीजन में एक आपातकालीन ट्रांसफॉर्मर ट्राली बनानी थी। जिस पर एक ट्रांसफॉर्मर हमेशा लगा रहता है। अगर किसी सेक्टर या सोसायटी का ट्रांसफॉर्मर फुंक जाए तो आधे घंटे में वहां पर ट्रंासफॉर्मर ट्राली को लगाकर विद्युत आपूर्ति सुचारु की जा सके। मगर यह योजना भी फाइलों तक ही सीमित होकर रह गई।
जिले में जर्जर तार और पोल बदलने का काम दिसंबर से शुरू कर दिया जाएगा। पैनल बाक्स बदलने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ट्रांसफार्मर ट्राली की योजना की जरूरत होगी तो उसे भी बनवाया जाएगा। बाकी योजनाओं पर भी जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। - एसके वर्मा, मुख्य अभियंता यूपीपीसीएल, नोएडा