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मेदांता में पैर के इलाज के दौरान मरीज को हुआ इंफेक्शन1
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:12 PM IST
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मेदांता में पैर के इलाज के दौरान मरीज को हुआ इंफेक्शन
गुरुग्राम। सेक्टर-38 स्थित मेदांता इलाज में लापरवाही बरतने का एक अन्य मामला सामने आया है। आरोप है कि पैर के इलाज के चलते मरीज को इंफेक्शन हो गया। जिससे उसके पूरे शरीर पर सफेद निशान पड़ गए हैं। इस मामले में पीड़ित ने जिला मेडिकल नेग्जिलेंसी बोर्ड को अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी है।
शिकायतकर्ता बीरबल के मुताबिक पैर में हल्का फैक्चर होने पर नवंबर 2017 में उन्होंने मेदांता अस्पताल में अपना इलाज करवाया था। इलाज के दौरान ही उनके पैर के साथ-साथ पूरे शरीर पर सफेद निशान पड़ने शुरू हो गए। पैर का इलाज करने वाले डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल के ही त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाने को कहा। जिसके बाद त्वचा रोग विशेषज्ञ ने उनका इलाज शुरू किया। बीरबल का आरोप है कि दवाओं से उनके निजी अंगों पर भी सफेद निशान पड़ने लगे और उनकी मूछों के बाल सफेद होने के साथ धीर-धीरे उड़ना शुरू हो गए।
उन्होंने बताया कि डॉक्टर से इसकी शिकायत की गई तो डॉक्टर से दोबारा दवा लेने के बाद भी उन्हें कोई आराम नहीं आया। उनकी परेशानी और बढ़ गई। इस मामले में बीरबल ने मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड को अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी है। वहीं मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि किसी भी दवा से शरीर पर सफेद निशान नहीं होते हैं। शिकायतकर्ता को जो दवाई दी गई वह पूरी से तरह से सुरक्षित थी।
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अस्पताल के खिलाफ बोर्ड को शिकायत मिली है। जांच के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ को शामिल कर बोर्ड का गठन कर दिया गया है। जल्द ही जांच शुरू की जाएगी।
-डॉ. प्रदीप शर्मा, नेग्लिजेंसी बोर्ड सदस्य
गुरुग्राम। सेक्टर-38 स्थित मेदांता इलाज में लापरवाही बरतने का एक अन्य मामला सामने आया है। आरोप है कि पैर के इलाज के चलते मरीज को इंफेक्शन हो गया। जिससे उसके पूरे शरीर पर सफेद निशान पड़ गए हैं। इस मामले में पीड़ित ने जिला मेडिकल नेग्जिलेंसी बोर्ड को अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी है।
शिकायतकर्ता बीरबल के मुताबिक पैर में हल्का फैक्चर होने पर नवंबर 2017 में उन्होंने मेदांता अस्पताल में अपना इलाज करवाया था। इलाज के दौरान ही उनके पैर के साथ-साथ पूरे शरीर पर सफेद निशान पड़ने शुरू हो गए। पैर का इलाज करने वाले डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल के ही त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाने को कहा। जिसके बाद त्वचा रोग विशेषज्ञ ने उनका इलाज शुरू किया। बीरबल का आरोप है कि दवाओं से उनके निजी अंगों पर भी सफेद निशान पड़ने लगे और उनकी मूछों के बाल सफेद होने के साथ धीर-धीरे उड़ना शुरू हो गए।
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उन्होंने बताया कि डॉक्टर से इसकी शिकायत की गई तो डॉक्टर से दोबारा दवा लेने के बाद भी उन्हें कोई आराम नहीं आया। उनकी परेशानी और बढ़ गई। इस मामले में बीरबल ने मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड को अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी है। वहीं मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि किसी भी दवा से शरीर पर सफेद निशान नहीं होते हैं। शिकायतकर्ता को जो दवाई दी गई वह पूरी से तरह से सुरक्षित थी।
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अस्पताल के खिलाफ बोर्ड को शिकायत मिली है। जांच के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ को शामिल कर बोर्ड का गठन कर दिया गया है। जल्द ही जांच शुरू की जाएगी।
-डॉ. प्रदीप शर्मा, नेग्लिजेंसी बोर्ड सदस्य