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आरडब् ल्यूए सेक्टर संवाद: हमें नहीं चाहिए ऐसा बाजार...
Updated Wed, 22 Aug 2018 09:36 PM IST
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नहीं चाहिए ऐसा साप्ताहिक बाजार...
अरावली अपार्टमेंट के निवासियों के लिए बना आफत
लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण, हर शुक्रवार सोसायटी में कैद हो जाते हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। अतिक्रमण की समस्या ने पूरे शहर की सूरत बिगाड़कर रख दी है। अब साप्ताहिक बाजार के नाम पर सड़कों पर कब्जे हो रहे हैं। सेक्टर-34 स्थित अरावली अपार्टमेंट के निवासियों के लिए साप्ताहिक बाजार बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों ने इस बाजार का दायरा सीमित करने की मांग उठाई है, ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।
दरअसल, कुछ वर्ष पहले तक शहर में चुनिंदा स्थानों पर ही साप्ताहिक बाजार लगते थे, लेकिन अब इसके नाम पर जगह-जगह अतिक्रमण किया जा रहा है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि अतिक्रमण की समस्या को बढ़ावा देने वाले माफिया किस्म के लोग निजी स्वार्थ के लिए सड़कों पर कब्जे करा देते हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। अरावली अपार्टमेंट के बाहर मुख्य सड़क पर शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बाजार वाले दिन शाम पांच से रात दस बजे तक निवासी सोसायटी के अंदर कैद हो जाते हैं। गेट तक दुकानें लग जाती हैं। रास्ते बंद हो जाते हैं। अन्य सेक्टरों से आने वाले लोग वाहनों को सड़कों पर खड़ा कर जाम की समस्या बढ़ा देते हैं। कई बार पुलिस और प्राधिकरण से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
सिर्फ बाजार के लिए होती है सफाई
लोगों का कहना है कि प्राधिकरण ने सेक्टर-34 की सफाई के लिए 30 से ज्यादा सफाई कर्मी लगाए हैं, लेकिन कोई भी कर्मचारी काम करने नहीं आता। साप्ताहिक बाजार के लिए शुक्रवार को सफाई होती है। सोसायटी में सफाई के लिए आरडब्ल्यूए ने अपने खर्च पर दो सफाई कर्मी लगाए हैं। स्थानीय लोगों को सोसायटी का कचरा भी खुद ही डंपिंग ग्राउंड पहुंचाना पड़ता है।
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सोसायटी की सुरक्षा को खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-34 में साप्ताहिक बाजार सीमित दायरे में लगा करता था। अब बाजार सोसायटियों तक पहुंच गया है। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा सेक्टर में लगा रहता है। चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। भीड़भाड़ से कई बार हादसे भी हो चुके हैं लेकिन पुलिस और प्राधिकरण ध्यान नहीं दे रहे है।
हम साप्ताहिक बाजार के विरोध में नहीं हैं, लेकिन नियम कायदे तय होने चाहिए। बाजार के नाम पर आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ाना उचित नहीं हैं।
- धर्मेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
जब सेक्टर में साप्ताहिक बाजार की शुरुआत हुई थी, उस समय लोग काफी खुश थे। अब यही अरावली अपार्टमेंट ही नहीं बल्कि पूरे सेक्टर के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस ओर प्राधिकरण ध्यान दे।
- अजय पंडित, निवासी
बाजार लोगों की सुविधा के लिए होना चाहिए। जाम और अतिक्रमण की वजह से लोग सोसायटी से बाहर नहीं निकल पाते और न ही बाहर से अंदर आ पाते हैं।
- शशि श्रीवास्तव, निवासी
साप्ताहिक बाजार या हटवाया जाए या फिर व्यवस्थित किया जाए। बाजार की वजह से पूरा सेक्टर गंदा हो रहा है। जाम की समस्या बढ़ जाती है। रास्ते बंद होने से स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
- देवेंद्र कुमार, निवासी
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नहीं चाहिए ऐसा साप्ताहिक बाजार...
अरावली अपार्टमेंट के निवासियों के लिए बना आफत
लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण, हर शुक्रवार सोसायटी में कैद हो जाते हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। अतिक्रमण की समस्या ने पूरे शहर की सूरत बिगाड़कर रख दी है। अब साप्ताहिक बाजार के नाम पर सड़कों पर कब्जे हो रहे हैं। सेक्टर-34 स्थित अरावली अपार्टमेंट के निवासियों के लिए साप्ताहिक बाजार बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों ने इस बाजार का दायरा सीमित करने की मांग उठाई है, ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।
दरअसल, कुछ वर्ष पहले तक शहर में चुनिंदा स्थानों पर ही साप्ताहिक बाजार लगते थे, लेकिन अब इसके नाम पर जगह-जगह अतिक्रमण किया जा रहा है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि अतिक्रमण की समस्या को बढ़ावा देने वाले माफिया किस्म के लोग निजी स्वार्थ के लिए सड़कों पर कब्जे करा देते हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। अरावली अपार्टमेंट के बाहर मुख्य सड़क पर शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बाजार वाले दिन शाम पांच से रात दस बजे तक निवासी सोसायटी के अंदर कैद हो जाते हैं। गेट तक दुकानें लग जाती हैं। रास्ते बंद हो जाते हैं। अन्य सेक्टरों से आने वाले लोग वाहनों को सड़कों पर खड़ा कर जाम की समस्या बढ़ा देते हैं। कई बार पुलिस और प्राधिकरण से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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सिर्फ बाजार के लिए होती है सफाई
लोगों का कहना है कि प्राधिकरण ने सेक्टर-34 की सफाई के लिए 30 से ज्यादा सफाई कर्मी लगाए हैं, लेकिन कोई भी कर्मचारी काम करने नहीं आता। साप्ताहिक बाजार के लिए शुक्रवार को सफाई होती है। सोसायटी में सफाई के लिए आरडब्ल्यूए ने अपने खर्च पर दो सफाई कर्मी लगाए हैं। स्थानीय लोगों को सोसायटी का कचरा भी खुद ही डंपिंग ग्राउंड पहुंचाना पड़ता है।
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सोसायटी की सुरक्षा को खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-34 में साप्ताहिक बाजार सीमित दायरे में लगा करता था। अब बाजार सोसायटियों तक पहुंच गया है। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा सेक्टर में लगा रहता है। चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। भीड़भाड़ से कई बार हादसे भी हो चुके हैं लेकिन पुलिस और प्राधिकरण ध्यान नहीं दे रहे है।
हम साप्ताहिक बाजार के विरोध में नहीं हैं, लेकिन नियम कायदे तय होने चाहिए। बाजार के नाम पर आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ाना उचित नहीं हैं।
- धर्मेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
जब सेक्टर में साप्ताहिक बाजार की शुरुआत हुई थी, उस समय लोग काफी खुश थे। अब यही अरावली अपार्टमेंट ही नहीं बल्कि पूरे सेक्टर के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस ओर प्राधिकरण ध्यान दे।
- अजय पंडित, निवासी
बाजार लोगों की सुविधा के लिए होना चाहिए। जाम और अतिक्रमण की वजह से लोग सोसायटी से बाहर नहीं निकल पाते और न ही बाहर से अंदर आ पाते हैं।
- शशि श्रीवास्तव, निवासी
साप्ताहिक बाजार या हटवाया जाए या फिर व्यवस्थित किया जाए। बाजार की वजह से पूरा सेक्टर गंदा हो रहा है। जाम की समस्या बढ़ जाती है। रास्ते बंद होने से स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
- देवेंद्र कुमार, निवासी