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पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार आयोग को देंगे शिकायत
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पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार आयोग को देंगे शिकायत
गुरुग्राम। भोंडसी इलाके के भूप सिंह नगर में दो समुदायों के बीच हुई मारपीट के मामले में आरोपी युवकों के परिजनों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस के खिलाफ हरियाणा मानवाधिकार आयोग को शिकायत देने की तैयारी कर ली है। उनका आरोप है कि पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है। उनकी शिकायत पर कार्रवाई करना तो दूर, अस्पताल में हुए मेडिकल की रिपोर्ट तक नहीं ली गई है। घायलों के साथ भी पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोपी पक्ष के परिजन रोशन ने बताया कि मारपीट में राजकुमार सहित अन्य युवकों को चोट लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस ने एक घायल को अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसे इलाज की जरूरत थी। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके परिजनों को परेशान करना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के घरों की महिलाओं को हिरासत में ले लिया और रात को थाने ले गई।
महिलाओं को हिरासत में पुरुष पुलिसकर्मियों ने लिया। इतना ही नहीं अन्य परिजनों को भी दो दिन तक बिना किसी कारण हिरासत में रखा। उनको हिरासत में लेने का पुलिस ने कोई रिकॉर्ड तैयार नहीं किया। इस कारण परिजन काफी आहत हैं। इसको लेकर परिजनों ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग को शिकायत देने की तैयारी कर ली है। रोशन ने बताया कि शुक्रवार को वह मानवाधिकार आयोग को शिकायत देकर मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
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आरोपी पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किए बयान
मारपीट करने वाले युवकों के परिजनों ने भी पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर मेडिको लीगल रिपोर्ट को कब्जे में ले लिया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) हिमांशु गर्ग ने बताया कि बयान व रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उधर पुलिस बुधवार को किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर पाई। पुलिस ने अभी तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी राजकुमार को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था। राजकुमार ने अपने परिजन एवं अधिवक्ता रोशन की तरफ से भोंडसी थाना पुलिस में दूसरे पक्ष के खिलाफ मारपीट करने के संबंध में शिकायत दी है। उसने शिकायत में बताया कि होली के दिन वह अपने दोस्त के साथ बाइक पर नया गांव से भूप सिंह नगर गया था, जहां पर दूसरे पक्ष के लोग क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान उनकी गेंद राजकुमार के पेट में लगी। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, तभी क्रिकेट खेल रहे युवकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और बैट से उसके सिर पर वार कर दिया जिसमें वह लहूलुहान हो गया।
उसने अस्पताल जाते वक्त गांव में अपने साथियों को फोन करके घटना के संबंध में सूचना दी। उसके साथी घटनास्थल पर पहुंच गए। इस दौरान उसके साथ मारपीट करने वालों ने उन पर छत से पथराव कर दिया। इस घटना में उसके चार साथी घायल हो गए, जिन्हें सोहना के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां उनकी मेडिको लीगल रिपोर्ट भी तैयार हुई थी। उनकी हालत सही नहीं होने के कारण उन्हें नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
रोशन ने बताया कि पुलिस को उन्होंने शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की है, बल्कि दूसरे पक्ष की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किए जाने की बात कहकर शिकायत लेने से भी मना कर दिया था। उधर पुलिस के पास आरोपियों की ओर से शिकायत करने के बाद पीड़ित चिंतित हो गए हैं और वे इस मामले में न्यायालय में गुहार लगाने की तैयारी कर रहे है।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सामाजिक संगठन
हमले के शिकार परिवार से मिलने आने वालों का तांता लगा हुआ है। उनसे बुधवार को सहायक पुलिस आयुक्त (सोहना) दिनेश कुमार सहित सामाजिक संगठन मिलने के लिए पहुंचे।
पीड़ित परिवार के जमशेद ने बताया कि बुधवार सुबह एसीपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा दोपहर को कारवां-ए-मोहब्बत संगठन के पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित दिलशाद से पूरे घटनाक्रम के बारे में जाना। जमशेद ने बताया कि मंगलवार देर शाम साजिद, साकरीना व सादाफ को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। हालांकि अस्पताल में भर्ती होने के अगले ही दिन चिकित्सकों ने उन्हें छुट्टी दे दी थी, लेकिन घर पहुंचने पर उनकी तबीयत दोबारा खराब हो गई थी इस कारण उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सभी पीड़ितों की खैरियत पूछी। उन्होंने बताया कि अस्पताल से इरशाद को छुट्टी नहीं मिली है। उसकी तबीयत में अभी पूरी तरह से सुधार नहीं हुआ है।
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गुरुग्राम। भोंडसी इलाके के भूप सिंह नगर में दो समुदायों के बीच हुई मारपीट के मामले में आरोपी युवकों के परिजनों ने पुलिस पर महिलाओं के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस के खिलाफ हरियाणा मानवाधिकार आयोग को शिकायत देने की तैयारी कर ली है। उनका आरोप है कि पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है। उनकी शिकायत पर कार्रवाई करना तो दूर, अस्पताल में हुए मेडिकल की रिपोर्ट तक नहीं ली गई है। घायलों के साथ भी पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोपी पक्ष के परिजन रोशन ने बताया कि मारपीट में राजकुमार सहित अन्य युवकों को चोट लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस ने एक घायल को अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसे इलाज की जरूरत थी। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके परिजनों को परेशान करना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के घरों की महिलाओं को हिरासत में ले लिया और रात को थाने ले गई।
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महिलाओं को हिरासत में पुरुष पुलिसकर्मियों ने लिया। इतना ही नहीं अन्य परिजनों को भी दो दिन तक बिना किसी कारण हिरासत में रखा। उनको हिरासत में लेने का पुलिस ने कोई रिकॉर्ड तैयार नहीं किया। इस कारण परिजन काफी आहत हैं। इसको लेकर परिजनों ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग को शिकायत देने की तैयारी कर ली है। रोशन ने बताया कि शुक्रवार को वह मानवाधिकार आयोग को शिकायत देकर मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
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आरोपी पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किए बयान
मारपीट करने वाले युवकों के परिजनों ने भी पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर मेडिको लीगल रिपोर्ट को कब्जे में ले लिया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) हिमांशु गर्ग ने बताया कि बयान व रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उधर पुलिस बुधवार को किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर पाई। पुलिस ने अभी तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी राजकुमार को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था। राजकुमार ने अपने परिजन एवं अधिवक्ता रोशन की तरफ से भोंडसी थाना पुलिस में दूसरे पक्ष के खिलाफ मारपीट करने के संबंध में शिकायत दी है। उसने शिकायत में बताया कि होली के दिन वह अपने दोस्त के साथ बाइक पर नया गांव से भूप सिंह नगर गया था, जहां पर दूसरे पक्ष के लोग क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान उनकी गेंद राजकुमार के पेट में लगी। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, तभी क्रिकेट खेल रहे युवकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और बैट से उसके सिर पर वार कर दिया जिसमें वह लहूलुहान हो गया।
उसने अस्पताल जाते वक्त गांव में अपने साथियों को फोन करके घटना के संबंध में सूचना दी। उसके साथी घटनास्थल पर पहुंच गए। इस दौरान उसके साथ मारपीट करने वालों ने उन पर छत से पथराव कर दिया। इस घटना में उसके चार साथी घायल हो गए, जिन्हें सोहना के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां उनकी मेडिको लीगल रिपोर्ट भी तैयार हुई थी। उनकी हालत सही नहीं होने के कारण उन्हें नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
रोशन ने बताया कि पुलिस को उन्होंने शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की है, बल्कि दूसरे पक्ष की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किए जाने की बात कहकर शिकायत लेने से भी मना कर दिया था। उधर पुलिस के पास आरोपियों की ओर से शिकायत करने के बाद पीड़ित चिंतित हो गए हैं और वे इस मामले में न्यायालय में गुहार लगाने की तैयारी कर रहे है।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सामाजिक संगठन
हमले के शिकार परिवार से मिलने आने वालों का तांता लगा हुआ है। उनसे बुधवार को सहायक पुलिस आयुक्त (सोहना) दिनेश कुमार सहित सामाजिक संगठन मिलने के लिए पहुंचे।
पीड़ित परिवार के जमशेद ने बताया कि बुधवार सुबह एसीपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा दोपहर को कारवां-ए-मोहब्बत संगठन के पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित दिलशाद से पूरे घटनाक्रम के बारे में जाना। जमशेद ने बताया कि मंगलवार देर शाम साजिद, साकरीना व सादाफ को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। हालांकि अस्पताल में भर्ती होने के अगले ही दिन चिकित्सकों ने उन्हें छुट्टी दे दी थी, लेकिन घर पहुंचने पर उनकी तबीयत दोबारा खराब हो गई थी इस कारण उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सभी पीड़ितों की खैरियत पूछी। उन्होंने बताया कि अस्पताल से इरशाद को छुट्टी नहीं मिली है। उसकी तबीयत में अभी पूरी तरह से सुधार नहीं हुआ है।