फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   100 crores defrauded from American citizens, 12 arrested

Noida News: अमेरिका के नागरिकों से 100 करोड़ ठगे, 12 गिरफ्तार

Sat, 11 May 2024 07:25 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2024 07:25 PM IST
विज्ञापन
100 crores defrauded from American citizens, 12 arrested
विज्ञापन


एप से कंप्यूटर सिस्टम ठप कर मदद का झांसा देते थे, खुद को बताते थे माइक्रोसॉफ्ट का इंजीनियर
--------------
02 साल से चला रहे थे मादीपुर में फर्जी कॉल सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी जिला पुलिस ने पश्चिम विहार में दो साल से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर 100 करोड़ ठगने वाले 12 जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अमेरिका के नागरिकों के एप के जरिये कंप्यूटर सिस्टम ठप कर देते थे। इसके बाद मदद करने के बहाने डॉलर में उगाही करते थे। आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का इंजीनियर बताकर रकम ऐंठने के बाद पीड़ितों के नंबर ब्लॉक कर देते थे। इनके कब्जे से पुलिस ने 16 लैपटॉप, 12 लैपटॉप चार्जर, 2 वाईफाई राउटर, 9 हेडफोन और 13 मोबाइल बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा को सूचना मिली कि मादीपुर में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। इसके जरिये वह अमेरिका के नागरिकों से ठगी कर रहे हैं। निरीक्षक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने सूचना को पुख्ता करने के बाद 9 मई की सुबह मादीपुर में एक मकान पर दबिश दी। यहां महिला समेत 12 लोग ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान विकासपुरी निवासी साहिल चटवाल, लाडपुर निवासी नवीन डबास, दिल्ली कैंट निवासी रविंदर, जहांगीरपुरी निवासी पीयूष, चंदर विहार निवासी गौतम, मुरादाबाद यूपी निवासी आकाश, विजय विहार निवासी जफरशाह, बुध विहार निवासी सुभाष, राजौरी गार्डन निवासी लवीश, न्यू लॉयर्स कॉलोनी आगरा निवासी ऋषभ, लखीमपुर खीरी निवासी शरद और एक महिला के रूप में हुई है। जांच करने पर पता चला कि आरोपी एप बीएसओडी, गूगल वॉयस, ब्राउजर लॉगिन, माइक्रो एसआईपी से नेट कॉलिंग के जरिये अमेरिका के लोगों को ठग रहे थे। आरोेपी एप से अमेरिका में कंप्यूटर सिस्टम ठप कर देते थे। इसके बाद पीड़ितों के संपर्क करने पर आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का इंजीनियर बताते थे। उनकी मदद करने के लिए डॉलर मांगते थे। रकम आने के बाद आरोपी पीड़ितों का नंबर ब्लॉक कर देते थे। गिरोह का सरगना साहिल चटवाल है, जो नवीन डबास के साथ दो साल से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। आरोपी एक माह में करीब पांच करोड़ रुपये कमा रहे थे। मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article