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एटीएस विलेज की 10 मीटर लंबी दीवार क्षतिग्रस्त
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नोएडा। ट्विन टावर में धमाका होते ही एटीएस विलेज की 10 मीटर लंबी दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही, कई फ्लैटों के कांच टूट गए। अब नुकसान की भरपाई एडिफिस इंजीनियरिंग करेगी। वहीं, एमरॉल्ड कोर्ट सोसाइटी में कोई नुकसान नहीं हुआ।
विस्फोट के बाद एडिफिस इंजीनियरिंग, प्राधिकरण समेत दूसरी एजेंसियों ने पूरे एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज परिसर की जांच की। इसका मकसद नुकसान का पता लगाना था। निरीक्षण के दौरान एटीएस विलेज की दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई। इसके अलावा फाइकस के पेड़ भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों का कहना है कि ट्विन टावर का ध्वस्तीकरण पूरी तरह से सुरक्षित रहा। इस तरह के नुकसान के आकलन पहले से ही किए गए थे। हालांकि, कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। सबसे खास बात यह है एमराल्ड कोर्ट का एस्टर-2 केवल 9 मीटर की दूरी पर था, लेकिन उसे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
हालांकि यह निरीक्षण अभी हल्के तरीके से किया गया है। सुपरटेक की ओर से अगले एक माह में सात टावरों का संरचनात्मक ऑडिट किया जाएगा। इसके माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कहीं कोई टूट-फूट या दरार तो नहीं है। इसके अलावा परिसर में क्रैक गॉज भी लगाए गए थे जो दरारों का विश्लेषण करेंगे। इसके माध्यम से भी नुकसान की जांच होगी। एडिफिस इंजीनियरिंग के पदाधिकारी ने बताया कि एटीएस की दीवार बनवाएंगे। इसके अलावा जिन घरों के कांच टूटे हैं, उन्हें भी लगवाया जाएगा। खराब पौधे भी बदले जाएंगे।
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विस्फोट के बाद एडिफिस इंजीनियरिंग, प्राधिकरण समेत दूसरी एजेंसियों ने पूरे एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज परिसर की जांच की। इसका मकसद नुकसान का पता लगाना था। निरीक्षण के दौरान एटीएस विलेज की दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई। इसके अलावा फाइकस के पेड़ भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों का कहना है कि ट्विन टावर का ध्वस्तीकरण पूरी तरह से सुरक्षित रहा। इस तरह के नुकसान के आकलन पहले से ही किए गए थे। हालांकि, कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। सबसे खास बात यह है एमराल्ड कोर्ट का एस्टर-2 केवल 9 मीटर की दूरी पर था, लेकिन उसे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
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हालांकि यह निरीक्षण अभी हल्के तरीके से किया गया है। सुपरटेक की ओर से अगले एक माह में सात टावरों का संरचनात्मक ऑडिट किया जाएगा। इसके माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कहीं कोई टूट-फूट या दरार तो नहीं है। इसके अलावा परिसर में क्रैक गॉज भी लगाए गए थे जो दरारों का विश्लेषण करेंगे। इसके माध्यम से भी नुकसान की जांच होगी। एडिफिस इंजीनियरिंग के पदाधिकारी ने बताया कि एटीएस की दीवार बनवाएंगे। इसके अलावा जिन घरों के कांच टूटे हैं, उन्हें भी लगवाया जाएगा। खराब पौधे भी बदले जाएंगे।
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