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Noida News: पलायन की जिंदगी जी रहे साउथ एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता सरनाम सिंह

Mon, 28 Aug 2023 10:28 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 28 Aug 2023 10:28 PM IST
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charas recoverd
सन 1984 में 78.58 मीटर दूरी तक भाला फेंककर नेपाल में जीता था सोना
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.. जान को खतरा देख पड़ोसी राज्य में परिवार के साथ ली शरण
सिद्धार्थ चतुर्वेदी

आगरा।

नेपाल में खेले गए साउथ एशियन गेम्स में सन 1984 में 78.58 मीटर की दूरी तक भला फेंकने वाले एथलीट सरनाम सिंह धोलपुर में गुमनाम जिंदगी जी रहे हैं। फतेहाबाद के आई थीं गांव के मूल निवासी सेना में कैप्टन तरह चुके सरनाम सिंह गांव में जमीन रंजिश कि चलते पडोसी राज्य में रहने को मजबूर हैं।
गांव में हुए पड़ोसी के मर्डर ने खिलाड़ी सरनाम सिंह की जिंदगी बदल दी । मर्डर की रंजिश के चलते सेना में कैप्टन रहे सरनाम सिंह को घर परिवार के साथ गांव छोड़ना पड़ा । 1984 में नेपाल में हुए साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले सरनाम सिंह खेते है कि गांव आने पर पड़ोसी उन्हें जान से मारने की धमकी देते है । पुलिस के बड़े अधिकारियों से भी जान की हिफाजत को लेकर कई बार गुहार लगाई लेकिन कुछ नहीं हुआ। साउथ एशियन गेम्स के अलावा भी सरनाम सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने 1985 में जकार्ता में आयोजित हुए सिक्स एशियन ट्रैक एंड फील्ड गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया । प्रतियोगिता में पांचवा स्थान हासिल किया । इसके अलावा सरनाम सिंह ने 1985 में दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रीय खेल में भी भारत की तरफ से प्रतिभाग किया था । 1989 में पाकिस्तान में आयोजित हुए फोर्थ सैफ गेम्स इस्लामाबाद में भी सरनाम सिंह ने भारतीय टीम की तरफ से भाला फेक खेल में प्रतिभाग किया । इसमें शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया । इसके अलावा 1989 में दिल्ली में आयोजित हुए एशियाई ट्रैक एंड फील्ड गेम्स में भी सरनाम सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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ये था मामला

खेल की दुनिया में राष्ट्र का नाम रोशन करने के बाद सरनाम सिंह अपने गांव अई वापस लौट आये । 24 जून 2020 को सरनाम सिंह के पड़ोसी कप्तान सिंह के बेटे जनार्दन सिंह का कत्ल हो गया था । इसमें सरनाम सिंह के भतीजे का नाम आया था । इसके बाद से रंजिश में सरनाम सिंह को जान से मारने की धमकियां मिलने लगी । जान माल की धमकियों से परेशान सरनाम सिंह ने परिवार के ,साथ गांव से पलायन कर दिया। गांव की जमीन बंजर हो चुकी है। सरनाम ने बताया कि रंजिश की वजह से गांव की कई बीघा जमीन बेच दी है। पेंशन से घर का खर्चा चलता है। अभी भी उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है । 67 साल के सरनाम सिंह आज भी अपने गांव वापस लौटना चाहते हैं ।
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