0001 नंबर की बोली साढ़े 5 लाख की, बिका 35,500 रुपये में, लाखों के राजस्व का नुकसान
- अधिक बोली लगाने वाले पहले दो खरीदारों ने नहीं जमा किया पैसा, ऐसे में तीसरे को मिला लाभ
- सवालों के घेरे में परिवहन विभाग की नीलामी प्रक्रिया
- 5 लाख 14 हजार 500 रुपये के राजस्व का नुकसान
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नोएडा परिवहन विभाग की वाहनों के आकर्षक नंबरों की नीलामी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। खुली नीलामी में 0001 नंबर पर साढे़ पांच लाख रुपये की बोली लगाई थी। बाद में वही नंबर मात्र साढे़ पैंतीस हजार रुपये में बिक पाया।
जब मामला अधिकारियों के सामने आया तो उन्होंने भी इसमें गड़बड़ी होने की आशंका जताई और शासन को अवगत कराने को कहा। वहीं, इस मामले की शिकायत एक अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्रालय से की है।
परिवहन विभाग ने आकर्षक और अति महत्वपूर्ण नंबरों की सूची में 346 नंबर शामिल कर रखे थे। इनसे करीब 22 लाख रुपये का राजस्व मिलता था। प्रदेश में पहली बार दिल्ली की तर्ज पर गौतमबुद्घनगर और लखनऊ में महत्वपूर्ण और आकर्षक नंबरों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। जिसमें 0001 नंबर पौने चार लाख रुपये में बिका था।
दूसरी बार की सीरीज शुरू हुई तो नियमानुसार बोली लगाई गई और 0001 नंबर पर एक खरीदार ने साढे़ पांच लाख रुपये की बोली लगाई थी तो दूसरे ने 5 लाख की। जबकि तीसरे ने मात्र 35, 500 रुपये की ही बोली लगाई थी। बोली लगाने के बाद पहले और दूसरे खरीदार ने पैसा जमा नहीं किया। इस वजह से यह नंबर तीसरे खरीदार को स्वत: अलॉट हो गया।
प्रक्रिया में बदलाव की मांग
शहर निवासी गजेंद्र सिंह खारी ने एक पत्र परिवहन विभाग को भेजकर प्रक्रिया को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि उनको एक सामान्य सा नंबर नहीं मिल पाया और कुछ लोग गलत नीति का लाभ उठाकर वीआईपी नंबर को मात्र 35,500 रुपये में ले जाते हैं। इसलिए इस प्रक्रिया में बदलाव किया जाना चाहिए।
इन सुझावों पर अधिकारी करें गौर
- नीलामी में भाग लेने वाले लोगों से बोली की एक चौथाई रकम तुरंत जमा कराई जाए।
- बोली लगाने वाला व्यक्ति यदि दूसरे को लाभ पहुंचाने के लिए पीछे हटता है तो उसकी रकम जब्त हो।
- नीलामी में सबसे अधिक बोली लगाने वाले को नंबर दे दिया जाए, बाकी के पैसे लौटाए जाएं।
- नीलामी में शामिल होने वाले व्यक्ति की जमानत राशि 50 हजार से एक लाख रुपये की जाए।
- इस तरह की घटना की पुर्नावृत्ति होती है तो दोबारा नंबर की नीलामी कराई जाए।
क्या कहते हैं अधिकारी
परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में पहली बार नंबरों की निलामी प्रक्रिया गौतमबुद्धनगर और लखनऊ में शुरू की गई है। इस बार 0001 को लेकर कुछ गड़बड़ी महसूस हुई है। इसकी जानकारी शासन में दे दी गई है और उम्मीद है जल्द ही इसमें कुछ सुधार किया जाएगा। संभावना है कि बोली लगाने वाले लोगों की रकम बढ़वाई जाएगी।
- एके पांडेय, एआरटीओ प्रशासन गौतमबुद्धनगर