नोएडा: बड़े-बड़े अफसरों को जेब में रखने वाले भूमाफिया मोती गोयल की सनसनीखेज हत्या
यूपी के सबसे बड़े भूमाफिया में शुमार मोती गोयल (58) की सोमवार शाम बरौला गांव में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात नोएडा के व्यस्त डीएससी मार्ग किनारे बरौला स्थित उसके प्लॉट पर हुई।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि सोमवार शाम मोती गोयल बरौला स्थित प्लॉट पर निर्माण करा रहा था। उस वक्त वहां 10-12 मजदूर थे। शाम करीब 4:45 बजे दो बदमाश प्लॉट पर आए और वहां खड़े मोती पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
इसके बाद बदमाश भाग निकले। मौके से पुलिस को सात खोखे मिले हैं। शव देखने से लगता है कि तीन गोलियां सिर और पेट में लगी हैं। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार, बदमाश काली पल्सर बाइक से आए थे।
बदमाशों की संख्या और हुलिये की सही जानकारी नहीं मिली है। जिस प्लॉट पर हत्या हुई, उसे लेकर व कई अन्य पुराने मामलों में भी मोती गोयल की कई लोगों से रंजिश थी। अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाना सेक्टर-49 में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
2,500 करोड़ की जमीनें कब्जाने का था आरोप...
नवयुग मार्केट गाजियाबाद निवासी मोती गोयल गौतम बुद्ध नगर व गाजियाबाद समेत आसपास के कई जिलों में 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सरकारी जमीनों पर कब्जे का आरोपी था।
अप्रैल 2005 में गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था। तब जांच में 80 से ज्यादा आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे, जिनके कार्यकाल में या शह पर उसने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था।
बरौला में 10 बीघा के प्लॉट पर था विवाद
बरौला के जिस प्लॉट पर मोती गोयल की हत्या हुई, वह लगभग 10 बीघा का है। मुख्य मार्ग पर होने की वजह से इसकी कीमत अरबों में आंकी जाती है। मोती गोयल इस प्लॉट पर पीछे की तरफ शादी समारोह आदि के लिए तीन लॉन बनाना चाहता था।
प्लॉट के आगे की तरफ वह फिलहाल शॉपिंग कांप्लेक्स और अपार्टमेंट बनवा रहा था। मोती गोयल का इस प्लॉट को लेकर कुछ लोगों से काफी समय से विवाद था। उसने तीन बार इसे लेकर रिपोर्ट भी सेक्टर-49 थाने में दर्ज कराई थी।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि मोती गोयल के बेटे उत्कर्ष ने पूछताछ में इन्हीं आरोपियों के खिलाफ हत्या की आशंका की शिकायत दी है। पुलिस सभी बिंदुओं से जांच कर रही है। मोती गोयल के पुराने केस, विवाद और रंजिशों की जानकारी जुटाई जा रही है।