ईरान में जहाज से नोएडा का युवक लापता, परिजनों ने जताया मानव तस्करी का शक
- भारतीय दूतावास ने चलाया सर्च अभियान
- नोएडा का युवक दुबई की शिपिंग कंपनी में करता है काम
- कार्गोशिप से पहुंचा था ईरान, वहां से लापता
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नोएडा के युवक के ईरान में जहाज से लापता होने के मामले में परिजनों ने मानव तस्करी का शक जताया है। परिजनों ने शिपिंग कंपनी व नोएडा की प्लेसमेंट एजेंसी की मिलीभगत का आरोप लगाया है। इसके लिए परिवार के लोगों ने पीएमओ, विदेश मंत्रालय से लेकर कई एजेंसियों से शिकायत की है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां के असालू बंदरगाह पर 48 घंटे का सर्च अभियान चलाया लेकिन युवक नहीं मिला। सोमवार को परिजनों ने नोएडा पुलिस से इसकी शिकायत की है।
सेक्टर-22, जे-46 निवासी आयुष चौधरी (23) मर्चेंट नेवी में ट्रेनी है। बहन शैली चौधरी ने बताया कि आयुष सेक्टर-15 की प्लेसमेंट एजेंसी आरएएस शिपिंग कंपनी के माध्यम से दुबई की पिंक रोज कंपनी की जहाज पर ट्रेनी की नौकरी 4 मई 2018 को शुरू किया। दुबई की जहाज से वह ईरान गया था। वहां असालू बंदरगाह पर जहाज रुका हुआ था। 17 जुलाई को पिंक रोज कंपनी की तरफ से घरवालों को फोन आया कि आयुष कंपनी असालू बंदरगाह पर समुद्र में गिर गया है।
आयुष की बहन शैली का आरोप है कि यह मानव तस्करी का मामला है। इसमें नोएडा की प्लेसमेंट एजेंसी से लेकर दुबई की कंपनी मिली हुई है। उन्होंने बताया कि नोएडा की आरएएस शिपिंग कंपनी ने साढ़े चार लाख रुपये उनसे लिए और ऑयल शिप की जगह पुराने जहाज पर भेज दिया। जब जहाज से कई बार घरवालों से आयुष की बात हुई तो वह परेशान लग रहा था।
आयुष अकाउंट भी है खाली
परिजनों का कहना है कि आयुष दो महीने से शिप पर काम कर रहा है लेकिन उसकेअकाउंट में पैसे नहीं है। जब इस बारे में परिजनों ने शिपिंग कंपनी से बात की तो बताया कि सैलरी कैश में दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि सैलरी कैश में देने की बात गलत है और जहाज पर कैश लेकर भी आयुष क्या करता। इस कारण परिजन इस मामले को पूरी तरह से संदिग्ध बता रहे हैं।
भारतीय दूतावास की है पूरे मामले पर नजर
आयुष के गायब होने के बाद घरवालों ने पीएमओ, विदेश मंत्रालय, ईरान स्थित भारतीय दूतावास, विदेश मंत्री एस जयशंकर, सुषमा स्वराज से लेकर कई अन्य लोगों को टैग कर ट्वीट किया। इस पर ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने संज्ञान लिया और 48 घंटे का ईरान में सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन आयुष का पता नहीं चला।
वॉयस नोट पर 12 जुलाई को अंतिम बातचीत
शैली चौधरी ने बताया कि 12 जुलाई को घरवालों से आयुष की अंतिम बार बातचीत हुई। जहाज पर वॉयस नोट पर ही परिवार की बातचीत होती थी। इसके बाद 17 अप्रैल की रात 11:08 मिनट पर जहाज से फोन आया। अरबी में बात करने के कारण परिवार वालों को कुछ समझ नहीं आया, तो शिप पर मौजूद आयुष के साथ गया राहुल ने परिजनों को बताया कि आयुष समुद्र में गिर गया है।