नोएडाः सोशल सिक्योरिटी के नाम पर डराकर अमेरिकियों को ठगते थे फर्जी कॉल सेंटर, 126 गिरफ्तार
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पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले एक और फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। सेक्टर-63 में स्थित कॉल सेंटर से एसएसएन (सोशल सिक्योरिटी नंबर) के गलत इस्तेमाल के नाम पर धमकी देकर पैसे वसूले जा रहे थे। कॉलर खुद को अमेरिका के सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेटिव बताते थे। एसएसपी की स्पेशल टीम ने कॉल सेंटर में काम करने वाली आठ लड़कियों सहित 126 लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं, 312 कंप्यूटर व 20 लाख रुपये जब्त किए गए हैं।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा के अनुसार सेक्टर-63 के ई ब्लॉक में करीब एक साल से कॉल सेंटर चल रहा था। इसे गुरुग्राम निवासी नरेंद्र पाहुजा और जिम्मी असीजा चला रहे थे। दोनों आरोपी कॉल सेंटर फ्रॉड के मास्टरमाइंड सागर ठक्कर उर्फ शैगी के गुर्गे हैं। इस कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों के साथ कई तरह से ठगी की जा रही थी। कॉल करने वाले अमेरिकी नागरिकों को फोन कर बताते थे कि आपके एसएसएन नंबर का गलत इस्तेमाल हो रहा है और आपको गिरफ्तार किया जाएगा।
इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी से बचाने के लिए पैसे वसूलते थे। यह पैसे प्ले स्टोर कार्ड के माध्यम से हवाला के जरिये मंगाते थे। इसके अलावा यूएसए के नागरिकों को टैक्स में छूट देने के नाम पर भी ठगी की जा रही थी। वहां के लोगों से इंटरनेट कॉलिंग से बात कर टैक्स में छूट देने की बात कहकर विश्वास हासिल कर लेते थे और उपैसे अपने अकाउंट में मंगवा लेते थे।
क्या होता है एसएसएन
एसएसएन नंबर का मतलब सोशल सिक्योरिटी नंबर होता है। यह अमेरिकी लोगों का पहचान पत्र है। जैसे भारत में आधार नंबर होता है। वैसे ही अमेरिका में एसएसएन नंबर है। इस नंबर से अमेरिकी नागरिकों की बैंक डिटेल्स, घर, वाहन नंबर, मोबाइल से लेकर अन्य सभी तरह की पहचान होती है।
क्या होता है प्ले स्टोर कार्ड
कॉल सेंटर के कर्मचारी अमेरिकी नागरिक को डराकर पेमेंट देने की बात कहते थे। इसके लिए आरोपी उनसे प्ले स्टोर कार्ड खरीदने के लिए कहते थे। इस कार्ड को खरीदने के बाद इसे स्क्रैच कर 16 डिजिट का नंबर पूछते थे। इसके बाद इस नंबर को चीन, यूएसए व दुबई में बैठे लोगों के पास भेजकर इसे कैश कराते थे और उन्हीं के माध्यम से हवाला के जरिये यह पैसा भारत पहुंचता था।
जिला पुलिस की सबसे बड़ी गिरफ्तारी
नोएडा पुलिस की 126 लोगों की गिरफ्तारी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। मेरठ जोन में भी इस तरह की एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि, एसटीएफ ने करीब दो साल पहले कॉल सेंटर के मामले में ही 151 लोगों को गिरफ्तार किया था।
यह फर्जी कॉल सेंटर वर्ल्ड वाइड फर्जीवाड़ा का हिस्सा है। इसे दुबई, चीन, अमेरिका से चलाया जा रहा है। हवाला से लेकर मनी लॉंड्रिंग की जांच की भी जा रही है। इन लोगों ने हजारों अमेरिकी नागरिकों से ठगी की है। कॉल सेंटर के संचालकों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से पर्दा उठेगा।- डॉ. अजयपाल शर्मा, एसएसपी