नोएडा में अवैध हथियार का कारोबार जमा चुका है जड़ें, 3 से पांच हजार में आसानी से मिलेगा असलहा
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नोएडा में अवैध हथियार का कारोबार अपनी जड़ें जमा चुका है। सूत्रों के अनुसार, तीन से पांच रुपये में आसानी से अवैध असलहा मिल जाएगा। यही कारण है कि जिले में लगातार आपराधिक वारदातें बढ़ीं हैं।
आसानी से हथियार मिलने की वजह से आपराधिक प्रवृत्ति के लोग बेखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इतना ही नहीं, जिले में कई बार अवैध असलहे की फैक्ट्री आदि भंडाफोड़ भी हो चुका है। इसके बाद भी पुलिस लगाम कसने में नाकाम साबित हो रही है। इससे जिले में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
दरअसल, गौरव चंदेल की मौत भी 0.32 बोर की गोली लगने से हुई है। यह गोली पिस्टल से चली या तमंचे से इसका पता लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना लूटपाट के इरादे से की गई है।
ऐसे में संभावना है कि तमंचा आसपास के क्षेत्र से ही लिया गया होगा। इस तरह की लूटपाट में अवैध हथियार ही प्रयोग में लाए जा रहे हैं। ऐसे हथियार बड़ी संख्या में आसानी से अपराधियों के पास पहुंच चुके हैं। लगातार बढ़ता अपराध का ग्राफ इसकी पुष्टि कर रहा है।
अपहरण, हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी के मामले लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। इसके मद्देनजर प्राधिकरण ने जिला पुलिस को अतिरिक्त संसाधनों से लैस किया है। वहीं, पुलिस भी चाक चौबंद व्यवस्था का दावा करती है। इसके बाद भी अवैध हथियार का कारोबार करने वालों ने जिले में अपना वर्चस्व कायम किया हुआ है।
इनको पकड़ने में पुलिस नाकाम साबित होती दिख रही है। वहीं, पुलिस का मुखबिर तंत्र भी कमजोर हो चुका है। फिलहाल गौरव चंदेल हत्याकांड में पुलिस व फॉरेंसिक टीम 0.32 बोर के खोखे की मदद से हत्यारोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
बिसरख में पकड़ी गई थी अवैध हथियार की फैक्ट्री
हाल ही में पुलिस ने बिसरख थानाक्षेत्र में ही अवैध हथियार बनाने वाली एक फैक्ट्री पकड़ी थी। मौके से भारी मात्रा में अवैध असलहे भी बरामद किए गए थे। सूत्रों के अनुसार एनसीआर का हिस्सा होने की वजह से गौतमबुद्ध नगर संवेदनशील जिला है। यहां हर रोज करोड़ों रुपये का लेनदेन होता है, इसलिए अपराधियों की नजर जिले पर गढ़ी हुई है।
.32 बोर के एक हजार से अधिक तमंचे किए गए बरामद
पुलिस के अनुसार, सभी थानों के अंतर्गत जब भी बदमाशों को दबोचा जाता है। तब इनके पास से तमंचे बरामद किए जाते हैं। यह सभी तमंचे अवैध तरीके से खरीदे गए होते हैं। इनकी कीमत बहुत ही कम होती है। इन तमंचों के बल पर अपराधी वारदात को अंजाम देते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक पुलिस ने एक हजार से अधिक 0.32 बोर के अवैध तमंचे बरामद किए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों लोगों की धरपकड़ अवैध हथियार के सिलसिले में की जा चुकी है। इन पर पुलिस की पैनी नजर है। अवैध हथियार बनाने और बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीम लगातार अभियान चलाकर इनकी गिरफ्तारी कर रही है।- वैभव कृष्ण, एसएसपी, गौतमबुद्ध नगर