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JNNURM: कब मिलेगा सस्ता मकान?
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Sep 2014 12:30 AM IST
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राजधानी में जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के सस्ते मकान आखिर कब तक तैयार होंगे? वर्षों से चली आ रही इस योजना में अभी तक सिर्फ 23 फीसदी इकाइयां ही तैयार हो सकी हैं।
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केंद्र सरकार ने परियोजनाओं को मार्च, 2015 तक पूरा करने को कहा है तभी राज्य सरकारों को आर्थिक मदद दी जाएगी।
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दिल्ली सरकार ने राजीव आवास योजना और भागीदारी की किफायती मकान योजना के तीन प्रोजेक्ट की डीपीआर भेजी थी जिसे मंजूरी देने से केंद्र ने इनकार कर दिया है। जबकि देश के बाकी राज्यों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे गरीबों को मकान मिलने की योजना को झटका लगा है।
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शहरी विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 2011-12 तक दिल्ली सरकार की 16 परियोजनाओं को जेएनएनयूआरएम के तहत मंजूरी दी गई है। इसमें 1 जुलाई तक सिर्फ 14,884 रिहायशी इकाइयां ही पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो पाई हैं।
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बाकी 45,860 मकान अभी प्रगति पर हैं। पूरे प्रोजेक्ट की लागत 3015.15 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार को 1370 करोड़ रुपये की भागीदारी देनी थी, अभी तक 1085 करोड़ रुपये दे चुकी है।
यह है योजना
केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए राजीव आवास योजना और जेएनएनयूआरएम में मकान बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन काम की लेटलतीफी के चलते स्लम में रहने वालों को अभी तक मकान नहीं मिल सके हैं। दिल्ली में 685 झुग्गी बस्तियां हैं जिनमें से 352 डीडीए की भूमि पर हैं। 333 दिल्ली सरकार के विभागों की जमीन पर बसी हैं। सभी झुग्गी बस्ती हटाकर उसकी जगह फ्लैट दिए जाने हैं, लेकिन धीमी गति के कारण योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।