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दिल्ली: अभी भी 12 नालों से यमुना में छोड़ा जा रहा है 'जहर', एनएमसीजी ने डीपीसीसी से कही ये बात
Fri, 22 Apr 2022 05:31 PM IST
प्रशांत कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 22 Apr 2022 05:31 PM IST
सार
दिल्ली एक दिन में लगभग 768 मिलियन गैलन सीवेज उत्पन्न करता है। जबकि डीजेबी (दिल्ली जल बोर्ड) 1,150 एमजीडी की मांग के मुकाबले लगभग 960 एमजीडी पेयजल की आपूर्ति करता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के 18 प्रमुख नालों में से 12 अभी भी यमुना में अनुपचारित पानी छोड़ रहे हैं। यह बात राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और दिल्ली जल बोर्ड को बताई है। वजीराबाद और ओखला के बीच नदी के 22 किलोमीटर लंबे दिल्ली खंड में अठारह प्रमुख नाले यमुना में गिरते हैं। इस संबंध में फरवरी में डीपीसीसी ने जल शक्ति मंत्रालय को एक रिपोर्ट भी सौंपी थी।
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एनएमसीजी ने डीपीसीसी और डीजेबी को फील्ड ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट पर कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा है। डीजेबी के अधिकारियों के अनुसार, 13 नाले इंटरसेप्टिंग सीवर के माध्यम से फंस गए हैं। जो अनुपचारित कचरे को पास के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि केवल एसटीपी नालों से उपचारित पानी यमुना में जाता है।
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