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530 करोड़ के खिलाफ पहुंचा कोर्ट डीडीए
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Oct 2014 06:08 AM IST
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एमसीडी ने राजधानी में नजुल भूमि के संपत्ति कर के 530 करोड़ रुपये का नोटिस डीडीए को भेजा है। एमसीडी की इस मांग के खिलाफ डीडीए ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। नजुल भूमि केंद्र सरकार की होती है और उसे विकास कार्य के लिए रखा जाता है।
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जस्टिस बीडी अहमद व जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल के समक्ष याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। डीडीए ने अपनी याचिका में दावा किया है कि जो नजुल भूमि विकास के लिए उसे दी गई थी एमसीडी ने उस पर संपत्ति कर के 530 करोड़ रुपये की मांग की है।
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डीडीए ने याचिका में तर्क दिया है कि वह नजुल भूमि का संरक्षक है और भूमि का स्वामित्व उसके नाम पर ट्रांसफर नहीं हुआ है। इसके मद्देनजर संविधान के अनुच्छेद 285 के तहत ऐसी संपत्ति कर से मुक्त है। याचिका में अंतरिम स्थगन आदेश व एमसीडी को डिमांड नोटिस, एसेसमेंट आर्डर व डिस्ट्रैस वारंट जारी करने से रोकने की मांग की गई है।
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