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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Nitish Katara murder case: Delhi High Court rejects Vikas Yadav's furlough plea

नीतीश कटारा हत्याकांड: दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव की फरलो याचिका खारिज की

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 07:19 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी विकास यादव की फरलो की याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा की एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जेल अधिकारियों के जारी आदेश में कोई मनमानी, अवैधता या संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ है। विकास यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे हैं, वर्ष 2002 में व्यवसायी नीतीश कटारा की अपहरण और हत्या के मामले में 25 साल की सजा काट रहे हैं। यह सजा बिना छूट (रिमिशन) के है। उन्होंने जेल से तीन सप्ताह की फरलो की मांग की थी, जिसे जेल प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था। विकास ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। फरलो जेल से अस्थायी रिहाई होती है, जो पूरी सजा निलंबित या माफ नहीं करती, बल्कि लंबी सजा काट रहे कैदियों को सामाजिक संबंध बनाए रखने के लिए दी जाती है। विकास ने दावा किया था कि उन्होंने हाल ही में शादी की है और इसलिए फरलो की जरूरत है। नीतीश कटारा की हत्या का मामला 16-17 फरवरी 2002 की रात का है, जब उन्हें एक शादी समारोह से अपहरण किया गया था। विकास यादव, उनके चचेरे भाई विशाल यादव और सुकदेव यादव ने नीतीश को जातिगत आधार पर विकास की बहन से कथित संबंध के कारण मार डाला था। सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2016 को विकास और विशाल को 25 साल तथा सुकदेव को 20 साल की सजा सुनाई थी।
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