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जो मुजरिम चाहते हैं वही हो रहा है, तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख : निर्भया की मां
Fri, 17 Jan 2020 06:10 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Fri, 17 Jan 2020 06:10 PM IST
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Asha Devi
- फोटो : ANI
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में फांसी की तारीख आने के बाद भी दोषियों की लेटलतीफी और नियम-कानून के चलते दोषियों की फांसी में देरी होती दिख रही है उससे निर्भया की मां काफी परेशान हैं।
निर्भया की मां आशा देवी ने नए डेथ वारंट पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है। तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख... उन्होंने कहा कि हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां अपराधियों की सुनी जाती है।
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वहीं जिस तरह गुरुवार को भाजपा और आम आदमी पार्टी ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए उससे भी निर्भया की मां आशा देवी बहुत आहत हैं। इससे पहले शुक्रवार को एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में वह फूट-फूटकर रोने लगीं।
उन्होंने कहा कि इतने साल तक मैं राजनीति पर कभी नहीं बोली लेकिन आज कहती हूं कि जिस तरह मेरी बच्ची की मौत पर राजनीति हो रही है वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि जब 2012 में घटना हुई तब इन्हीं लोगों ने हाथ में तिरंगा लिया और काली पट्टी बांधी, खूब रैलियां कीं, खूब नारे लगाए। लेकिन आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा आप ने रोक दिया, कोई कह रहा है मुझे पुलिस दे दीजिए दो दिन में रोक के दिखाऊंगा।
आशा देवी ने आगे कहा, तो अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि ये अपने फायदे के लिए दोषियों की फांसी को रोके हैं। हमें इस बीच में मोहरा बनाया, इन दोनों के बीच में मैं फंसी हूं। तो मैं कहना चाहती हूं खासकर प्रधानमंत्री जी से कि आपने 2014 में बोला था, 'बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार'।
मैं साहब आपसे हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि जिस तरह से आप दोबारा सरकार में आए हैं, जिस तरह से आपने हजारों काम किए। इस कानून का संशोधन कीजिए क्योंकि कानून बनाने से नहीं होगा। मैं आपसे हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि एक बच्ची की मौत के साथ मजाक मत होने दीजिए, उन दोषियों को 22 जनवरी को फांसी पर लटकाइए और देश को दिखाइए कि हम देश के रखवाले हैं, महिला की सुरक्षा करने वाले हैं।
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निर्भया की मां आशा देवी ने नए डेथ वारंट पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है। तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख... उन्होंने कहा कि हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां अपराधियों की सुनी जाती है।
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Asha Devi, mother of 2012 Delhi gang-rape victim: Jo mujrim chahte the vahi ho raha hai...tareek pe tareek, tareek pe tareek. Humara system aisa hai ki jahan convict ki suni jaati hai. pic.twitter.com/y3ZdvN52mV
— ANI (@ANI) January 17, 2020
वहीं जिस तरह गुरुवार को भाजपा और आम आदमी पार्टी ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए उससे भी निर्भया की मां आशा देवी बहुत आहत हैं। इससे पहले शुक्रवार को एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में वह फूट-फूटकर रोने लगीं।
उन्होंने कहा कि इतने साल तक मैं राजनीति पर कभी नहीं बोली लेकिन आज कहती हूं कि जिस तरह मेरी बच्ची की मौत पर राजनीति हो रही है वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि जब 2012 में घटना हुई तब इन्हीं लोगों ने हाथ में तिरंगा लिया और काली पट्टी बांधी, खूब रैलियां कीं, खूब नारे लगाए। लेकिन आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा आप ने रोक दिया, कोई कह रहा है मुझे पुलिस दे दीजिए दो दिन में रोक के दिखाऊंगा।
आशा देवी ने आगे कहा, तो अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि ये अपने फायदे के लिए दोषियों की फांसी को रोके हैं। हमें इस बीच में मोहरा बनाया, इन दोनों के बीच में मैं फंसी हूं। तो मैं कहना चाहती हूं खासकर प्रधानमंत्री जी से कि आपने 2014 में बोला था, 'बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार'।
मैं साहब आपसे हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि जिस तरह से आप दोबारा सरकार में आए हैं, जिस तरह से आपने हजारों काम किए। इस कानून का संशोधन कीजिए क्योंकि कानून बनाने से नहीं होगा। मैं आपसे हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं कि एक बच्ची की मौत के साथ मजाक मत होने दीजिए, उन दोषियों को 22 जनवरी को फांसी पर लटकाइए और देश को दिखाइए कि हम देश के रखवाले हैं, महिला की सुरक्षा करने वाले हैं।