फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Nirbhaya Case: sessions court reserve order on plea challenging sole witness of case submission

निर्भया केसः दोषी पवन को एक और झटका, दोस्त की गवाही को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

Mon, 27 Jan 2020 04:36 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 27 Jan 2020 04:36 PM IST
विज्ञापन
Nirbhaya Case: sessions court reserve order on plea challenging sole witness of case submission
निर्भया के साथ मौके पर मौजूद दोस्त अवनींद्र व दोषी पवन - फोटो : अमर उजाला

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या मामले में एकमात्र गवाह यानी निर्भया के दोस्त की गवाही को चुनौती देने वाली पवन के पिता की याचिका को पटियाला हाउस कोर्ट के सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में पवन के पिता ने पटियाला हाउस कोर्ट के ही एक पुराने फैसले को चुनौती दी थी।

विज्ञापन


मामले में दोषी पवन गुप्ता के पिता हीरालाल गुप्ता ने अर्जी दायर कर आरोप लगाया कि निर्भया के दोस्त व मामले में एकमात्र गवाह अवनींद्र ने पैसे लेकर मीडिया चैनलों को साक्षात्कार दिए जिससे मामले की जांच प्रभावित हुई। उनके इस दावे को निराधार पाते हुए अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन


पुरानी याचिका में अदालत ने क्या कहा था
ऐसी ही एक याचिका पवन के पिता ने पहले भी डाली थी जिसे पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी सुधीर कुमार सिरोही ने सुनवाई करते हुए याचिका खारिज कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दंडाधिकारी सुधीर कुमार सिरोही ने कहा था कि याचिका में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि मामले की जांच प्रभावित हुई। इसलिए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट के समक्ष हीरालाल गुप्ता के वकील एपी सिंह ने कहा कि युवक के साक्षात्कारों से प्रतीत होता है कि वह दोषियों को फांसी पर लटका देखना चाहता है।

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2012 में पैरामेडिक की छात्रा और उसका एक दोस्त एक बस में सवार हुए थे। उस बस में छात्रा से छह लोगों ने दुष्कर्म को अंजाम दिया था। दोषियों ने पीड़िता और उसके दोस्त को चलती बस से नीचे फेंक दिया था। इसके बाद छात्रा की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

इस मामले में अदालत ने चार लोगों अक्षय, विनय, पवन और मुकेश को दोषी ठहराया था, जबकि मामले में एक अन्य आरोपी ने दोषी साबित होने से पहले ही खुदकुशी कर ली थी। छठा आरोपी नाबालिग था, जिसे बाल सुधार गृह में सजा पूरी करने पर  छोड़ दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed