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निर्भया केसः दोषी विनय की याचिका खारिज, अदालत ने कहा- इलाज की जरूरत नहीं

Sat, 22 Feb 2020 05:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 22 Feb 2020 05:22 PM IST
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Nirbhaya Case hearing on convict vinay plea regarding high level medical treatment all update
विनय शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया

निर्भया के दोषी विनय को उच्च स्तरीय चिकित्सा का मांग करने वाली याचिका को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने शनिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसे दोषी जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई हो, उनका चिंतित और अवसाद में होना सामान्य है। इस मामले में जाहिर तौर पर दोषी को पर्याप्त चिकित्सा उपचार और मनोवैज्ञानिक सहायता दी गई है। 

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बता दें कि सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल के वकील इरफान अहमद ने विनय की मेडिकल रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। इरफान अहमद ने बताया कि दोषी विनय ने खुद जेल की दीवारों पर अपना सिर पटका था जिसके तुरंत बाद उसका इलाज तिहाड़ के डॉक्टरों ने किया था। तिहाड़ ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज भी अदालत को सौंपी है।
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तिहाड़ के वकील इरफान ने अदालत को बताया कि विनय की मानसिक अस्थिरता की कोई पुरानी मेडिकल हिस्ट्री नहीं है, जैसा विनय के वकील एपी सिंह ने बताया है।

इरफान अहमद ने कोर्ट को ये भी बताया कि दोषी विनय ने हाल ही में अपनी मां और वकील को दो फोन किए थे, तो क्यों उसके वकील यह दावा कर रहे हैं कि वह अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा है?

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दोषी पवन ने अपने सरकारी सलाहकार से मिलने से किया इनकार

निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने अपने नए कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने इनकार कर दिया है। एपी सिंह के केस छोड़ने के बाद अदालत ने रवि काजी को पवन का वकील नियुक्त किया था। चारों दोषियों में पवन गुप्ता ही ऐसा है जिसके पास अब भी क्यूरेटिव पिटिशन और दया याचिका के दो कानूनी विकल्प बचे हैं।


अब पवन के इनकार के बाद यह मामला थोड़ा फंस गया है। पवन ने डेथ वारंट जारी होने के बाद से अपने वकील रवि काजी से कोई संपर्क नहीं किया है। इन दोनों के बीच बचे हुए कानूनी विकल्पों के इस्तेमाल को लेकर कोई बात नहीं हुई  है।

हालांकि अभी ये पता नहीं चल सका है कि पवन ने रवि काजी से मिलने से इनकार क्यों किया। अगर आगे भी पवन अपने बचे विकल्पों को इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे तीन मार्च को सुबह 6 बजे फांसी लगना तय है।

याचिका में निर्भया के दोषी विनय ने खुद को बताया सिजोफ्रेनिया से पीड़ित, इलाज की मांग की

निर्भया मामले में दोषी विनय ने याचिका दायर कर खुद को सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हुए बेहतर इलाज कराने की मांग अदालत से की थी। इस याचिका पर अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा था।

इस याचिका में आग्रह किया गया है कि विनय मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया और हाथ व सिर में लगी चोट का बेहतर इलाज करवाना चाहता है। अदालत ने 17 फरवरी को तीसरी बार डेथ वारंट जारी करते हुए निर्भया के चारों दोषियों विनय सहित मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार को तीन मार्च की सुबह छह बजे फांसी देने का आदेश दिया था। 

पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने विनय शर्मा की याचिका पर जेल अधिकारियों को शनिवार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान इस याचिका का विरोध किया। जेल अधिकारियों के मुताबिक विनय ने रविवार को तिहाड़ जेल नंबर तीन में अपने सेल के अंदर की दीवार पर अपना सिर पीटकर खुद को घायल कर लिया था। इसके बाद जेल परिसर में ही विनय का इलाज किया गया। 

अदालत के समक्ष विनय के वकील ने कहा वह अपनी मां या वकील को भी पहचानने से इंकार कर रहा था। वकील ने यह भी कहा कि जेल में विनय से मुलाकात के दौरान देखा उसने देखा कि उसके सिर में गंभीर चोट है और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर है।

वकील ने यह भी कहा कि विनय मानसिक बीमारी से पीड़ित है जो एक तरह का पागलपन है। कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया कि विनय लंबे समय से काफी कम देर के लिए सो रहा है। दवा पर विनय की निर्भरता के कारण उसकी परेशानी को देखते हुए वरिष्ठ मनोचिकित्सक को भेजा गया था। 

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