निर्भया केसः दोषी विनय की याचिका खारिज, अदालत ने कहा- इलाज की जरूरत नहीं
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निर्भया के दोषी विनय को उच्च स्तरीय चिकित्सा का मांग करने वाली याचिका को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने शनिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसे दोषी जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई हो, उनका चिंतित और अवसाद में होना सामान्य है। इस मामले में जाहिर तौर पर दोषी को पर्याप्त चिकित्सा उपचार और मनोवैज्ञानिक सहायता दी गई है।
बता दें कि सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल के वकील इरफान अहमद ने विनय की मेडिकल रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। इरफान अहमद ने बताया कि दोषी विनय ने खुद जेल की दीवारों पर अपना सिर पटका था जिसके तुरंत बाद उसका इलाज तिहाड़ के डॉक्टरों ने किया था। तिहाड़ ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज भी अदालत को सौंपी है।
तिहाड़ के वकील इरफान ने अदालत को बताया कि विनय की मानसिक अस्थिरता की कोई पुरानी मेडिकल हिस्ट्री नहीं है, जैसा विनय के वकील एपी सिंह ने बताया है।
इरफान अहमद ने कोर्ट को ये भी बताया कि दोषी विनय ने हाल ही में अपनी मां और वकील को दो फोन किए थे, तो क्यों उसके वकील यह दावा कर रहे हैं कि वह अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा है?
Nirbhaya Case: Public Prosecutor Irfan Ahmad further added that there is no medical history of mental instability of convict Vinay Sharma as claimed by the convict's counsel AP Singh
— ANI (@ANI) February 22, 2020
दोषी पवन ने अपने सरकारी सलाहकार से मिलने से किया इनकार
निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने अपने नए कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने इनकार कर दिया है। एपी सिंह के केस छोड़ने के बाद अदालत ने रवि काजी को पवन का वकील नियुक्त किया था। चारों दोषियों में पवन गुप्ता ही ऐसा है जिसके पास अब भी क्यूरेटिव पिटिशन और दया याचिका के दो कानूनी विकल्प बचे हैं।
अब पवन के इनकार के बाद यह मामला थोड़ा फंस गया है। पवन ने डेथ वारंट जारी होने के बाद से अपने वकील रवि काजी से कोई संपर्क नहीं किया है। इन दोनों के बीच बचे हुए कानूनी विकल्पों के इस्तेमाल को लेकर कोई बात नहीं हुई है।
हालांकि अभी ये पता नहीं चल सका है कि पवन ने रवि काजी से मिलने से इनकार क्यों किया। अगर आगे भी पवन अपने बचे विकल्पों को इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे तीन मार्च को सुबह 6 बजे फांसी लगना तय है।
याचिका में निर्भया के दोषी विनय ने खुद को बताया सिजोफ्रेनिया से पीड़ित, इलाज की मांग की
निर्भया मामले में दोषी विनय ने याचिका दायर कर खुद को सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हुए बेहतर इलाज कराने की मांग अदालत से की थी। इस याचिका पर अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा था।
इस याचिका में आग्रह किया गया है कि विनय मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया और हाथ व सिर में लगी चोट का बेहतर इलाज करवाना चाहता है। अदालत ने 17 फरवरी को तीसरी बार डेथ वारंट जारी करते हुए निर्भया के चारों दोषियों विनय सहित मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार को तीन मार्च की सुबह छह बजे फांसी देने का आदेश दिया था।
अदालत के समक्ष विनय के वकील ने कहा वह अपनी मां या वकील को भी पहचानने से इंकार कर रहा था। वकील ने यह भी कहा कि जेल में विनय से मुलाकात के दौरान देखा उसने देखा कि उसके सिर में गंभीर चोट है और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर है।
वकील ने यह भी कहा कि विनय मानसिक बीमारी से पीड़ित है जो एक तरह का पागलपन है। कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया कि विनय लंबे समय से काफी कम देर के लिए सो रहा है। दवा पर विनय की निर्भरता के कारण उसकी परेशानी को देखते हुए वरिष्ठ मनोचिकित्सक को भेजा गया था।