कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहते हैं निर्भया के दोषी, जेल प्रशासन की नोटिस का दिया जवाब
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निर्भया मामले के चार दोषियों में से तीन ने मंगलवार को जेल प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस का लिखित जवाब दिया है। उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि उनके पास अब भी दो विकल्प बचे हुए हैं। संविधान उन्हें क्युरेटिव पेटिशन और दया याचिका दायर करने का अधिकार देता है, इसलिए वो लोग इनका इस्तेमाल करना चाहते हैं।
2012 Delhi gangrape case: 3 out of 4 convicts filed reply to Tihar Jail authorities in response to a notice issued to them after court direction.Convicts stated they still have legal remedies given by constitution&want to use both legal remedies-curative and mercy petitions
— ANI (@ANI) December 24, 2019विज्ञापन
पिछली सुनवाई में अदालत के दोषी अक्षय की याचिका को खारिज कर दिया था। वहीं 18 दिंसबर को ही पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया की मां की याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें उन्होंने दोषियों को जल्द से जल्द डेथ वारंट जारी करने की मांग की है। अदालत ने डेथ वारंट जारी करने से मना करते हुए इसपर अगली सुनवाई के लिए 7 जनवरी की तारीख दी थी।
इसके बाद अदालत के निर्देशानुसार जेल प्रशासन ने सभी दोषियों को नेटिस जारी किया था। जेल प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर आखिरी कानूनी विकल्प के इस्तेमाल के बारे में पूछा था। इस नोटिस के जवाब में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद दोषियों ने बचे हुए कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने की इच्छा जताई है।