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Delhi NCR News: नैनी झील में ड्रोन से होगा कीटनाशक का छिड़काव
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को मॉडल टाउन स्थित नैनी झील में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान स्थानीय विधायक अशोक गोयल, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, पार्षद विकेश सेठी और निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
महापौर ने कहा कि ड्रोन तकनीक से कम समय में बड़े जलाशय और ऐसे दुर्गम स्थानों को कवर किया जा सकेगा, जहां पारंपरिक तरीकों से पहुंचना मुश्किल होता है। इससे मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर समय रहते नियंत्रण करने में मदद मिलेगी। जरूरत के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल दिल्ली के अन्य बड़े जलाशयों और दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से मच्छरों के प्रजनन स्थलों की नियमित जांच, लार्वा रोधी दवाओं का छिड़काव, फॉगिंग और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। जलाशयों, नालों, खाली प्लॉटों और निर्माण स्थलों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि ड्रोन के इस्तेमाल से मच्छर नियंत्रण अभियान की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। निगम ने कूलर, गमलों, छतों और खुले कंटेनरों में जमा पानी की नियमित जांच करने को कहा है।
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नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को मॉडल टाउन स्थित नैनी झील में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान स्थानीय विधायक अशोक गोयल, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, पार्षद विकेश सेठी और निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
महापौर ने कहा कि ड्रोन तकनीक से कम समय में बड़े जलाशय और ऐसे दुर्गम स्थानों को कवर किया जा सकेगा, जहां पारंपरिक तरीकों से पहुंचना मुश्किल होता है। इससे मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर समय रहते नियंत्रण करने में मदद मिलेगी। जरूरत के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल दिल्ली के अन्य बड़े जलाशयों और दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से मच्छरों के प्रजनन स्थलों की नियमित जांच, लार्वा रोधी दवाओं का छिड़काव, फॉगिंग और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। जलाशयों, नालों, खाली प्लॉटों और निर्माण स्थलों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
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स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि ड्रोन के इस्तेमाल से मच्छर नियंत्रण अभियान की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। निगम ने कूलर, गमलों, छतों और खुले कंटेनरों में जमा पानी की नियमित जांच करने को कहा है।
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