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एचईसी बिल 2018 पर सरकार को 9926 सुझाव, बिल में होगा संशोधान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 23 Jul 2018 09:20 PM IST
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प्रकाश जावड़ेकर
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एचईसी बिल 2018 के लिए सरकार को कुल 9926 सुझाव मिले हैं। इस सुझावों के आधार पर एचईसी बिल 2018 में संशोधन भी किया जाएगा। एचईसी बिल 2018के माध्यम से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और एकेडमिक कार्यों में सुधार लाना शामिल है।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 62 साल पहले 1956 में जब यूजीसी का गठन किया गया था, उस दौरान करीब 20 विश्वविद्यालय और दो लाख छात्र थे। जबकि 2018 में अब इनकी संख्या नौ सौ तक पहुंच गई है और छात्रों की संख्या पौने चार करोड़ से अधिक है।
वहीं, पांच सौ कॉलेजों की संख्या अब 40 हजार से अधिक है। यूजीसी की जिम्मेदारियां कई स्तर पर बंटी हुई हैं, जिसके चलते एकेडमिक क्षेत्र में लगातार गिरावट आती चली गई।
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जावड़ेकर ने बताया कि यूजीसी की जगह एचईसी बिल 2018 के माध्यम से भारतीय शिक्षण संस्थानों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों से मुकाबला करने के लिए पढ़ाई, रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के साथ -साथ निगरानी की भी जरूरत है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 62 साल पहले 1956 में जब यूजीसी का गठन किया गया था, उस दौरान करीब 20 विश्वविद्यालय और दो लाख छात्र थे। जबकि 2018 में अब इनकी संख्या नौ सौ तक पहुंच गई है और छात्रों की संख्या पौने चार करोड़ से अधिक है।
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वहीं, पांच सौ कॉलेजों की संख्या अब 40 हजार से अधिक है। यूजीसी की जिम्मेदारियां कई स्तर पर बंटी हुई हैं, जिसके चलते एकेडमिक क्षेत्र में लगातार गिरावट आती चली गई।
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जावड़ेकर ने बताया कि यूजीसी की जगह एचईसी बिल 2018 के माध्यम से भारतीय शिक्षण संस्थानों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों से मुकाबला करने के लिए पढ़ाई, रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के साथ -साथ निगरानी की भी जरूरत है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इस मामले में शिक्षाविद, राज्यों, शिक्षकों, सांसदों आदि से बिल को सार्वजनिक करते हुए सुझाव मांगे गए हैं, सुझावों के तहत बिल में संशोधन किया जाएगा।
एचईसी बिल 2018 आने से उच्च शिक्षण संस्थानों को ग्रांट देने का अधिकार मंत्रालय नहीं, बल्कि एक अलग स्वायत्तता युक्त संस्था करेगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का ग्रांट देने के मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
एचईसी बिल 2018 आने से उच्च शिक्षण संस्थानों को ग्रांट देने का अधिकार मंत्रालय नहीं, बल्कि एक अलग स्वायत्तता युक्त संस्था करेगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का ग्रांट देने के मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।