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Delhi NCR News: टैंकर के इंतजार में कट रहीं रातें, राजधानी में चल रही पानी की परीक्षा
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पाइपलाइन में नहीं आ रहा पानी, जो आता है वह भी दुर्गंध वाला, बीमारी का खतरा
रात से सुबह पानी न मिलने तक परेशान रहते हैं लोग, खत्म होते ही फिर वही कहानी
टैंकर देखते ही टूट जाते हैं लोगों के सब्र के बांध, पानी के लिए करते हैं धक्का-मुक्की
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी के कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी के कारण पानी की समस्या और गंभीर है। आली विहार, शास्त्री पार्क और द्वारका समेत कई इलाकों के लोग पानी के लिए पूरी तरह से टैंकरों पर निर्भर हैं। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित है। पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। तेज धूप में लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली से चिराग, सत्यम और सचिन की रिपोर्ट.....
समय : सुबह 6:30 बजे,
स्थान : आली विहार, दक्षिणी दिल्ली
सुबह 6:30 बजे सूरज निकलने से पहले ही आली विहार की गलियों में हलचल बढ़ गई। आली विहार के लोग हाथों में बाल्टियां, केन और डिब्बे लिए पानी के इंतजार में सड़कों पर खड़े दिखे। राजधानी में जहां तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है, आली विहार के लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी अब गर्मी नहीं, बल्कि पानी की किल्लत है।
करीब 6:40 पर एक निजी पानी का टैंकर पहुंचा। टैंकर देखते ही लोग तेजी से उसकी ओर दौड़ पड़े। कुछ ही मिनटों में वहां भीड़ जमा हो गई। महिलाएं और बच्चे लाइन बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन बढ़ती बेचैनी के कारण धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस इलाके में कई दिनों से नियमित जल आपूर्ति नहीं हुई है। जहां पानी आया भी, वहां भी गंदा और बदबूदार। आली विहार में रहने वाले महेश ने बताया कि रात तीन बजे से जाग रहे हैं। पता चला था कि सुबह पानी आ सकता है। अब तो जिंदगी टैंकर के भरोसे चल रही है। हर दिन 400 से 600 रुपये तक का पानी खरीदना पड़ा रहा।
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स्थान: शास्त्री पार्क, पूर्वी दिल्ली
समय: सुबह 6 बजे
सुबह 6 से ही शास्त्री पार्क पर खाली बल्टियों व बर्तन की कतार लगी थी। इनके बगल में खड़े लोगों के चेहरे पर हर गुजरते वक्त के साथ बेचैनी बढ़ती दिखी। किसी को बच्चों के लिए पानी चाहिए था, तो किसी को घर चलाने की चिंता सता रही थी। इंतजार लंबा होता जा रहा था। बकरीद पर भी लोगों के चेहरों पर खुशी नहीं, बल्कि थकान और इंतजार था। करीब 11 बजे, दूर से पानी का टैंकर दिखाई दिया और शांत माहौल शोर में बदल गया। लोग तेजी से टैंकर की तरफ दौड़े। पानी भरने की जल्दी में धक्का-मुक्की और खींचा-तानी शुरू हो गई। हर किसी को डर था कि कहीं पानी खत्म न हो जाए। इस अफरा-तफरी में कई जगह पानी जमीन पर भी बहता नजर आया, लेकिन लोगों के लिए उस समय हर बूंद की कीमत बेहद बड़ी थी।
समय: सुबह सात बजे
स्थान: तारानगर, ककरोला मोड़, पश्चिमी दिल्ली
द्वारका सेक्टर-15 तारानगर ककरोला मोड़, में सुबह सात बजे से ही लोग अपने घरों के बाहर पानी के इंतजार में खड़े थे। कई लोग बार-बार टैंकर चालक को फोन कर पानी आने का समय पूछते रहे। ठीक 11 बजे दूर से पानी का टैंकर आते हुए दिखाई दिया। जैसे ही यह इलाके में पहुंचा, लोग पानी भरने के लिए उस पर टूट पड़े। बड़ी संख्या में लोग यहां मौजूद थे। पाइप लगाने को लेकर लोगों के बीच बहस और धक्का-मुक्की तक की स्थिति बन गई। पाइप को जबरदस्ती हटाने और लगाने के चक्कर में पानी जमीन पर गिरकर बर्बाद भी हो रहा था। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बाल्टी, डिब्बे और कैन लेकर लाइन में खड़े नजर आए। कई लोग बाल्टियों के जरिए अपनी छतों की टंकियों में पानी भरने की कोशिश करते दिखाई दिए। लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड से नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
गंदे पानी से बढ़ रहा बीमारी का खतरा : कुछ घरों में जो पानी सप्लाई हुआ, वह पीले रंग का और बदबूदार बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन में सीवर का पानी मिल रहा है। कई परिवार अब पीने के लिए बाजार से बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी पवन ने बताया कि कल जो पानी आया था, उसमें इतनी बदबू थी कि खाना बनाना भी मुश्किल हो गया। बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत हो रही है। डर लग रहा है कि कहीं बीमारी न फैल जाए।
लोग बोले, अब बहुत हुआ आश्वासन नहीं पानी चाहिए
पानी की समस्या अब सिर्फ परेशानी नहीं बल्कि बड़ी चिंता बन चुकी है। हर दिन हम सभी को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हमारे यहां सुबह से लोग बाल्टी और ड्रम लेकर बैठे रहते हैं कि शायद पानी आ जाए। लेकिन ज्यादातर हमें निराशा ही हाथ लगती है। गर्मी में पानी की कमी सबसे ज्यादा तकलीफ देती है।
- विकास यादव, आली गांव
हमारे इलाके में पानी की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। हर दिन लोग सिर्फ पानी की चिंता में लगे रहते हैं। सुबह से लेकर रात तक यही सोचते हैं कि पानी कब आएगा। कई बार टंकी पूरी तरह खाली रह जाती है। ऐसे में परिवार को संभालना मुश्किल हो जाता है।
- पूजा देवी, आली गांव
यह रोज का हो गया कि पानी एक दम काला नाली जैसा आता है। पीने वाले पानी के लिए टैंकर का इंतजार करना पड़ता है। घंटों घंटों टैंकर का इंतजार करने के बाद भी लोग इतने ज्यादा होते है कि मिनटों में टैंकर का पनी खत्म हो जाता है। इस के चलते टैंकर से पानी भरने को लेकर लोगों में झड़प भी हो जाती है।
मोहम्मद शहजान, शास्त्री पार्क
पानी का बुरा हाल है। सप्लाई में गंदा पानी आता है और पीने वाले पानी के लिए टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है। कभी तो टैंकर से भी पानी नहीं मिलता जिस कारण से निजी आपूर्तिकर्ता से पानी खरीद कर लाना पड़ता है।
राहुल कुमार, शास्त्री पार्क
पीने का पानी आता ही नहीं है, 15 दिनों या महीने में एक बार आता है। पानी बेहद ही गंदा और बदबूदार होता है,इसका किसी भी चीज में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। पानी इतना गंदा है कि इससे लोगों को बीमारियां होने का खतरा है। एप्लिकेशन लिखने पर ही पानी का टैंकर बड़ी मुश्किल से उपलब्ध होता है।
- विक्रम, तारानगर
पीने के पानी की सप्लाई की कोई निश्प्तता नहीं है। पानी बेहद ही खारा आता है। पानी न आने के कारण स्कूल जाने में भी परेशानी होती है। पुरी गली में एक टैंकर आते ही लोग उसपर टूट पड़ते हैं। दिल्ली जल बोर्ड से यही मांग है कि पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- शिवम, , तारानगर
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रात से सुबह पानी न मिलने तक परेशान रहते हैं लोग, खत्म होते ही फिर वही कहानी
टैंकर देखते ही टूट जाते हैं लोगों के सब्र के बांध, पानी के लिए करते हैं धक्का-मुक्की
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी के कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी के कारण पानी की समस्या और गंभीर है। आली विहार, शास्त्री पार्क और द्वारका समेत कई इलाकों के लोग पानी के लिए पूरी तरह से टैंकरों पर निर्भर हैं। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित है। पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। तेज धूप में लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली से चिराग, सत्यम और सचिन की रिपोर्ट.....
समय : सुबह 6:30 बजे,
स्थान : आली विहार, दक्षिणी दिल्ली
सुबह 6:30 बजे सूरज निकलने से पहले ही आली विहार की गलियों में हलचल बढ़ गई। आली विहार के लोग हाथों में बाल्टियां, केन और डिब्बे लिए पानी के इंतजार में सड़कों पर खड़े दिखे। राजधानी में जहां तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है, आली विहार के लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी अब गर्मी नहीं, बल्कि पानी की किल्लत है।
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करीब 6:40 पर एक निजी पानी का टैंकर पहुंचा। टैंकर देखते ही लोग तेजी से उसकी ओर दौड़ पड़े। कुछ ही मिनटों में वहां भीड़ जमा हो गई। महिलाएं और बच्चे लाइन बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन बढ़ती बेचैनी के कारण धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस इलाके में कई दिनों से नियमित जल आपूर्ति नहीं हुई है। जहां पानी आया भी, वहां भी गंदा और बदबूदार। आली विहार में रहने वाले महेश ने बताया कि रात तीन बजे से जाग रहे हैं। पता चला था कि सुबह पानी आ सकता है। अब तो जिंदगी टैंकर के भरोसे चल रही है। हर दिन 400 से 600 रुपये तक का पानी खरीदना पड़ा रहा।
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स्थान: शास्त्री पार्क, पूर्वी दिल्ली
समय: सुबह 6 बजे
सुबह 6 से ही शास्त्री पार्क पर खाली बल्टियों व बर्तन की कतार लगी थी। इनके बगल में खड़े लोगों के चेहरे पर हर गुजरते वक्त के साथ बेचैनी बढ़ती दिखी। किसी को बच्चों के लिए पानी चाहिए था, तो किसी को घर चलाने की चिंता सता रही थी। इंतजार लंबा होता जा रहा था। बकरीद पर भी लोगों के चेहरों पर खुशी नहीं, बल्कि थकान और इंतजार था। करीब 11 बजे, दूर से पानी का टैंकर दिखाई दिया और शांत माहौल शोर में बदल गया। लोग तेजी से टैंकर की तरफ दौड़े। पानी भरने की जल्दी में धक्का-मुक्की और खींचा-तानी शुरू हो गई। हर किसी को डर था कि कहीं पानी खत्म न हो जाए। इस अफरा-तफरी में कई जगह पानी जमीन पर भी बहता नजर आया, लेकिन लोगों के लिए उस समय हर बूंद की कीमत बेहद बड़ी थी।
समय: सुबह सात बजे
स्थान: तारानगर, ककरोला मोड़, पश्चिमी दिल्ली
द्वारका सेक्टर-15 तारानगर ककरोला मोड़, में सुबह सात बजे से ही लोग अपने घरों के बाहर पानी के इंतजार में खड़े थे। कई लोग बार-बार टैंकर चालक को फोन कर पानी आने का समय पूछते रहे। ठीक 11 बजे दूर से पानी का टैंकर आते हुए दिखाई दिया। जैसे ही यह इलाके में पहुंचा, लोग पानी भरने के लिए उस पर टूट पड़े। बड़ी संख्या में लोग यहां मौजूद थे। पाइप लगाने को लेकर लोगों के बीच बहस और धक्का-मुक्की तक की स्थिति बन गई। पाइप को जबरदस्ती हटाने और लगाने के चक्कर में पानी जमीन पर गिरकर बर्बाद भी हो रहा था। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बाल्टी, डिब्बे और कैन लेकर लाइन में खड़े नजर आए। कई लोग बाल्टियों के जरिए अपनी छतों की टंकियों में पानी भरने की कोशिश करते दिखाई दिए। लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड से नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
गंदे पानी से बढ़ रहा बीमारी का खतरा : कुछ घरों में जो पानी सप्लाई हुआ, वह पीले रंग का और बदबूदार बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन में सीवर का पानी मिल रहा है। कई परिवार अब पीने के लिए बाजार से बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी पवन ने बताया कि कल जो पानी आया था, उसमें इतनी बदबू थी कि खाना बनाना भी मुश्किल हो गया। बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत हो रही है। डर लग रहा है कि कहीं बीमारी न फैल जाए।
लोग बोले, अब बहुत हुआ आश्वासन नहीं पानी चाहिए
पानी की समस्या अब सिर्फ परेशानी नहीं बल्कि बड़ी चिंता बन चुकी है। हर दिन हम सभी को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हमारे यहां सुबह से लोग बाल्टी और ड्रम लेकर बैठे रहते हैं कि शायद पानी आ जाए। लेकिन ज्यादातर हमें निराशा ही हाथ लगती है। गर्मी में पानी की कमी सबसे ज्यादा तकलीफ देती है।
- विकास यादव, आली गांव
हमारे इलाके में पानी की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। हर दिन लोग सिर्फ पानी की चिंता में लगे रहते हैं। सुबह से लेकर रात तक यही सोचते हैं कि पानी कब आएगा। कई बार टंकी पूरी तरह खाली रह जाती है। ऐसे में परिवार को संभालना मुश्किल हो जाता है।
- पूजा देवी, आली गांव
यह रोज का हो गया कि पानी एक दम काला नाली जैसा आता है। पीने वाले पानी के लिए टैंकर का इंतजार करना पड़ता है। घंटों घंटों टैंकर का इंतजार करने के बाद भी लोग इतने ज्यादा होते है कि मिनटों में टैंकर का पनी खत्म हो जाता है। इस के चलते टैंकर से पानी भरने को लेकर लोगों में झड़प भी हो जाती है।
मोहम्मद शहजान, शास्त्री पार्क
पानी का बुरा हाल है। सप्लाई में गंदा पानी आता है और पीने वाले पानी के लिए टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है। कभी तो टैंकर से भी पानी नहीं मिलता जिस कारण से निजी आपूर्तिकर्ता से पानी खरीद कर लाना पड़ता है।
राहुल कुमार, शास्त्री पार्क
पीने का पानी आता ही नहीं है, 15 दिनों या महीने में एक बार आता है। पानी बेहद ही गंदा और बदबूदार होता है,इसका किसी भी चीज में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। पानी इतना गंदा है कि इससे लोगों को बीमारियां होने का खतरा है। एप्लिकेशन लिखने पर ही पानी का टैंकर बड़ी मुश्किल से उपलब्ध होता है।
- विक्रम, तारानगर
पीने के पानी की सप्लाई की कोई निश्प्तता नहीं है। पानी बेहद ही खारा आता है। पानी न आने के कारण स्कूल जाने में भी परेशानी होती है। पुरी गली में एक टैंकर आते ही लोग उसपर टूट पड़ते हैं। दिल्ली जल बोर्ड से यही मांग है कि पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- शिवम, , तारानगर