दूल्हे को घोड़ी से उतारा, MP सरकार को नोटिस
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देश में परंपराओं और रीति रिवाजों के नाम पर लगातार बवाल और हंगामा होता आ रहा है। कभी दलितों के मंदिर में घुसने पर पाबंदी लगा दी जाती है तो कभी उन्हें छुआछूत के नाम पर भी प्रताड़ित किया जाता है।
ऐसा ही एक मामला मप्र के छतरपुर जिले में सामने आया है। जिस पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने नोटिस जारी करते हुए सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर उससे एक दलित दूल्हे की शादी में घुड़चढ़ी के दौरान ऊंची जाति के लोगों की ओर से उसके साथ कथित दुर्व्यवहार किए जाने के बारे में जवाब तलब किया है।
परंपरा के खिलाफ है घोड़ी चढ़ना!
दरअसल कुछ दिन पहले ही मीडिया में खबर आई थी कि मध्य प्रदेश में छतरपुर जिले के सादवा गांव में सात जून को ऊंची जाति के कुछ लोगों ने निचली जाति के दूल्हे को कथित रूप से घोड़ी से उतार दिया और उसके साथ मारपीट की।
इस गांव में परंपरा है कि केवल ऊंची जाति के दूल्हे ही घोड़ी पर चढ़ सकते हैं। निचली जाति के दूल्हों को पैदल चलकर गांव के बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद लेना होता है।
दूल्हे के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग स्वतः संज्ञान में लिया है।
चार सप्ताह में दें रिपोर्ट
एनएचआरसी ने राज्य के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने मीडिया की खबर पर इस मामले में सरकार से जवाब मांगा है।
बता दें कि मप्र समेत देश के कई राज्यों में लगातार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जब नीची जाति के लोगों को कुछ लोगों ने परंपरा और रिवाज के नाम पर प्रताड़ित किया।