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NGT ने कहा- आपको जिम्मेदारी का नहीं है एहसास, श्रीश्री बोले- आप हमें जानते नहीं
टीम डिजिटल/अमर उजाला,नई दिल्ली
Updated Thu, 20 Apr 2017 03:03 PM IST
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श्रीश्री रविशंकर
- फोटो : फाइल फोटो
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एनजीटी के हाथों फटकार खाने के बाद सेंस ऑफ ह्यूमर को हथियार बनाते हुए रविशंकर ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पर पलटवार किया है। रविशंकर ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग को गैरजिम्मेदार बताने वाले हमें जानते नहीं, या उन्हें सेंस ऑफ ह्यूमर बढ़ाना चाहिए।
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बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बृहस्पतिवार को श्रीश्री रविशंकर के उस बयान को बेहद ही चौंका देने वाला बताया जिसमें रविशंकर ने उस रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताया है जिसमें उनकी संस्था के आयोजन से यमुना को क्या क्षति पहुंची है उसका उल्लेख है।
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दरअसल आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) पिछले साल यमुना किनारे तीन दिन का समारोह किया था जिसके खत्म होने के बाद ये कहा गया था कि इस आयोजन से यमुना नदी को नुकसान पहुंचा है। हाल ही में ये रिपोर्ट एनजीटी में पेश की गई थी।
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बृहस्पतिवार को इसी मामले में सुनवाई करते हुए एनजीटी ने कहा कि रविशंकर की संस्था एओएल को कहा कि, 'आपके अंदर जिम्मेदारी नाम की कोई चीज नहीं है। क्या आप ये सोचते हैं कि आपको जो चाहे वो बोलने की आजादी है?'
इसके साथ ही एनजीटी ने याचिकाकर्ता मनोज शर्मा को रविशंकर के बयानों की एक पूरी डीटेल के साथ आवेदन डालने को कहा है ताकि कोर्ट इस मुद्दे को रिकॉर्ड में रखकर इस पर कार्रवाई कर सके। इस मामले की अगली सुनवाई 9 मई को है।