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Delhi NCR News: अवैध डाईंग यूनिट्स पर एनजीटी सख्त, डीपीसीसी को जांच के आदेश
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- याचिकाकर्ता के वकील ने डीपीसीसी की रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दी गई जियो-कोऑर्डिनेट्स गलत
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध डाइंग यूनिट्स के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने डीपीसीसी की रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दी गई जियो-कोऑर्डिनेट्स गलत है। याचिकाकर्ता ने 28 फरवरी और 3 मार्च, 2025 को सही लोकेशन डीपीसीसी को दी थी, लेकिन वहां निरीक्षण नहीं हुआ। अदालत ने याचिकाकर्ता को चार सप्ताह के अंदर अपनी आपत्ति और सबूत पेश करने की अनुमति दी है। साथ ही, डीपीसीसी को छह सप्ताह में अतिरिक्त जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और डॉ. विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद वाली पीठ ने डीपीसीसी की 20 मई, 2025 की रिपोर्ट का अवलोकन किया। इसमें बताया गया कि 8 अप्रैल, 7 मई और 8 मई 2025 को संयुक्त निरीक्षण में 22 स्थानों की जांच की गई। दो स्थानों पर जींस डाइंग और वॉशिंग की गतिविधियां पाई गईं, जिन्हें एसडीएम (सरिता विहार) ने सील कर दिया। इन पर पर्यावरणीय क्षति शुल्क (डीडीसी) लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मामला याचिकाकर्ता वरुण गुलाटी की तरफ से दायर शिकायत से जुड़ा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध डाइंग यूनिट्स के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने डीपीसीसी की रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दी गई जियो-कोऑर्डिनेट्स गलत है। याचिकाकर्ता ने 28 फरवरी और 3 मार्च, 2025 को सही लोकेशन डीपीसीसी को दी थी, लेकिन वहां निरीक्षण नहीं हुआ। अदालत ने याचिकाकर्ता को चार सप्ताह के अंदर अपनी आपत्ति और सबूत पेश करने की अनुमति दी है। साथ ही, डीपीसीसी को छह सप्ताह में अतिरिक्त जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और डॉ. विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद वाली पीठ ने डीपीसीसी की 20 मई, 2025 की रिपोर्ट का अवलोकन किया। इसमें बताया गया कि 8 अप्रैल, 7 मई और 8 मई 2025 को संयुक्त निरीक्षण में 22 स्थानों की जांच की गई। दो स्थानों पर जींस डाइंग और वॉशिंग की गतिविधियां पाई गईं, जिन्हें एसडीएम (सरिता विहार) ने सील कर दिया। इन पर पर्यावरणीय क्षति शुल्क (डीडीसी) लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मामला याचिकाकर्ता वरुण गुलाटी की तरफ से दायर शिकायत से जुड़ा है।
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