{"_id":"5c1a6af1bdec2256d64245fb","slug":"ngt-slams-water-resource-ministry-over-ground-water-use-guidelines","type":"story","status":"publish","title_hn":"भू-जल दोहनः केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय को एनजीटी ने लगाई कड़ी फटकार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भू-जल दोहनः केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय को एनजीटी ने लगाई कड़ी फटकार
Wed, 19 Dec 2018 09:29 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 19 Dec 2018 09:29 PM IST
विज्ञापन
NGT
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हाल ही में केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की ओर से पहली बार जारी की गई भू-जल दोहन रोकथाम संबंधी गाइडलाइन में खामियों के लिए कड़ी फटकार लगाई है। प्रधान पीठ ने कहा कि यह गाइडलाइन स्पष्ट तौर पर राष्ट्रीय हित के विरुद्ध है।
विज्ञापन
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। याची विक्रांत तोंगड़ के मामले में एनजीटी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह 18 दिसंबर से पहले देश में अवैध भू-जल दोहन की रोकथाम और नियमन के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी करे। इसके बाद मंत्रालय की ओर से हाल ही में विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई थी।
विज्ञापन
जल संसाधन मंत्रालय की ओर से पीठ को बताया गया कि संशोधित गाइडलाइन में जल संरक्षण शुल्क का प्रावधान भी पहली बार किया गया है। इस पर पीठ ने कहा कि सिर्फ जल संरक्षण शुल्क जैसे प्रावधान भू-जल दोहन को कम करने या रोकने के लिए नाकाफी हैं। एनजीटी ने जारी की गई गाइडलाइन पर याची से भी अपनी आपत्ति और सुझाव ट्रिब्यूनल में दाखिल करने को कहा है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा कि याची 2 जनवरी तक इस अधिसूचना परर अपने सुझाव और आपत्ति को दाखिल करे। पीठ ने कहा कि भू-जल दोहन मामले पर 11 जनवरी को ट्रिब्यूनल का विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा।
केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की ओर से जारी की गई अधिसूचना में कृषि क्षेत्र को अनापत्ति प्रमाण पत्र से बाहर रखा गया था साथ ही बोतलबंद और पानी बिक्री करने वाली औद्योगिक ईकाइयों को सरकार के पास अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए आवेदन करने को भी कहा गया था।