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Delhi NCR News: एनजीटी ने तटीय प्रदूषण मामले को पुनर्जीवित करने की मांग ठुकराई
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एनजीटी ने तटीय प्रदूषण मामले को पुनर्जीवित करने की मांग ठुकराई
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक पुराने तटीय प्रदूषण मामले को फिर से शुरू करने की मांग को खारिज कर दिया है। यह मामला समुद्री तटों के प्रदूषण से जुड़ा था। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने पारित किया। लेफ्टिनेंट कर्नल सर्वदमन सिंह ओबेरॉय ने आवेदन देकर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने 24 फरवरी को यमुना नदी और अन्य जल स्रोतों के प्रदूषण से जुड़े मामलों को दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है, इसलिए उनके मामले को भी बहाल किया जाए। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश केवल यमुना नदी और उससे जुड़े जल स्रोतों के प्रदूषण मामलों पर लागू होता है। अधिकरण के अनुसार, समुद्री तटों के प्रदूषण से जुड़े इस पुराने मामले को दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का लाभ केवल उन्हीं मामलों को मिलेगा, जिसका सीधा संबंध यमुना नदी प्रदूषण से है। ब्यूरो
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक पुराने तटीय प्रदूषण मामले को फिर से शुरू करने की मांग को खारिज कर दिया है। यह मामला समुद्री तटों के प्रदूषण से जुड़ा था। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने पारित किया। लेफ्टिनेंट कर्नल सर्वदमन सिंह ओबेरॉय ने आवेदन देकर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने 24 फरवरी को यमुना नदी और अन्य जल स्रोतों के प्रदूषण से जुड़े मामलों को दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है, इसलिए उनके मामले को भी बहाल किया जाए। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश केवल यमुना नदी और उससे जुड़े जल स्रोतों के प्रदूषण मामलों पर लागू होता है। अधिकरण के अनुसार, समुद्री तटों के प्रदूषण से जुड़े इस पुराने मामले को दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का लाभ केवल उन्हीं मामलों को मिलेगा, जिसका सीधा संबंध यमुना नदी प्रदूषण से है। ब्यूरो