एनजीटी ने कहा विमान लैंडिंग के वक्त कम से कम होना चाहिए ध्वनि प्रदूषण, बने हरित दीवार
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राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे से उड़ान भरने और उतरने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों का शोर कम करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हवाई अड्डे के चारों ओर ध्वनि बाधा बनाने व हरित बाउंड्री तैयार करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा प्रधान पीठ ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को कहा है कि विमान की लैंडिंग के वक्त कम से कम ध्वनि प्रदूषण हो इसलिए विमान के भीतर मौजूद पैनल रिवर्स थ्रस्ट का इस्तेमाल बहुत ही सोच-समझकर और न्यायपूर्ण होना चाहिए।
रिवर्स थ्रस्ट का इस्तेमाल विमान लैंडिंग के वक्त डायवर्जन के लिए किया जाता है। इस दौरान जबरदस्त आवाज विमान के इंजन से पैदा होती है। विमान का पायलट ही यह निर्णय ले सकता है कि वह लैंडिंग के वक्त इस पैनल का इस्तेमाल करेगा या नहीं।
रात के वक्त होने वाले शोर से होती है परेशानी
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को एक गैर सरकारी संस्था चेतना व वसंत कुंज के निवासी, बिजवासनंद इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर (आईएसआईसी) के मामले में यह फैसला दिया है।
याचीकर्ताओं की शिकायत थी कि हवाई अड्डे पर लगातार उड़ान भरते और उतरते विमान जबरदस्त शोर पैदा करते हैं इससे आस-पास रिहायश को ध्वनि प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। खासतौर से रात के वक्त होने वाले शोर से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एनजीटी ने हवाई अड्डे पर वायु प्रदूषण की समस्या को भी कम करने के लिए सभी बस और अन्य सभी वाहनों को 6 महीने के भीतर सीएनजी में तब्दील करने का भी आदेश दिया है।
पीठ ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से कहा है कि वह पर्यावरण मंत्रालय और आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट के आधार पर विमानों का शोर कम करने के लिए जरूरी कदमों को भी तत्काल उठाए।
प्रधान पीठ ने याचीकर्ताओं की इस मांग को भी मानने से इनकार कर दिया कि सरकार की मदद से उनके घरों को साउंड प्रूफ बनाया जाए।
वहीं रनवे संख्या 11/29 पर नाइट कर्फ्यू लगाने की मांग को लेकर एनजीटी ने कहा कि आईजीआई हवाई अड्डे से रोजाना प्रत्येक घंटे 80 से 82 विमान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भरते हैं यदि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रनवे पर नाइट कर्फ्यू लगा दिया जाएगा ना तो यह तर्कसंगत होगा और ना ही स्थाई विकास के सिद्धातों के लिए उचित होगा।