फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   NGT issues notice to Delhi Jal Board

Delhi: डीडीए की दलील पर फंसा डीजेबी, NGT का नोटिस; तालाब में बढ़ते प्रदूषण में भूमिका स्पष्ट करने का निर्देश

Mon, 07 Oct 2024 06:24 AM IST
विजय पुंडीर नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 07 Oct 2024 06:24 AM IST
सार

न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि डीजेबी को निर्देश दिया जाता है कि वह सुनवाई की अगली तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले अपना जवाब दाखिल करे।

विज्ञापन
NGT issues notice to Delhi Jal Board
एनजीटी - फोटो : संवाद

विस्तार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को नोटिस जारी किया है। अधिकरण ने यह निर्देश वसंत कुंज स्थित मछली तालाब में बढ़ते प्रदूषण से जुड़े मामले में दिया है। अदालत ने यह फैसला डीजेबी और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के बीच एक मामले में लिया। इसमें साइट पर खराब पड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए कौन सी एजेंसी जिम्मेदार होगी। इसमें दोनों विभाग ने अपनी भूमिका और जवाबदेही से इन्कार कर दिया था।

विज्ञापन


न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा कि डीजेबी को निर्देश दिया जाता है कि वह सुनवाई की अगली तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले अपना जवाब दाखिल करे। इसके अलावा वह अदालत के सामने अपना प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे।
विज्ञापन


पीठ ने पर्यावरण मुद्दे को सुलझाने में डीजेबी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर डाला। इसलिए विभाग को प्रतिवादी के रूप में शामिल किया। पीठ ने कहा कि डीडीए के वकील ने अदालत को बताया था कि डीडीए और डीजेबी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके तहत डीजेबी को मछली तालाब में एसटीपी के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं, 14 मई को एक जवाब में जल बोर्ड ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को दावा किया कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।


ट्रिब्यूनल ने लिया था स्वतः संज्ञान
यह मामला तब शुरू हुआ जब ट्रिब्यूनल ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया था। इसमें तालाब की बिगड़ती स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया गया था। मामला एक एसटीपी के अनुचित संचालन से जुड़ा है। इसे आस-पास के क्षेत्रों से अपशिष्ट जल को संभालने के लिए बनाया गया था। फिर भी एसटीपी चालू नहीं है। ऐसे में सीवेज और अपशिष्ट सीधे तालाब में बह रहे हैं। अधिकरण के आदेश के तहत डीपीसीसी ने 4 सितंबर को अपनी रिपोर्ट दायर की थी। इसके अलावा डीडीए ने 25 सितंबर को रिपोर्ट दायर की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed