फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   NGT impose fine on akshardham mandir

NGT ने अक्षरधाम मंदिर प्रबंधन पर लगाया जुर्माना

Sat, 11 Jul 2015 02:01 PM IST
Updated Sat, 11 Jul 2015 02:01 PM IST
विज्ञापन
NGT impose fine on akshardham mandir

पर्यावरणीय मंजूरी लिए बिना विस्तार करने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शुक्रवार को अक्षरधाम मंदिर प्रबंधन पर जुर्माना लगाया है।

विज्ञापन


साथ ही एनजीटी ने यमुना के पुनरुद्धार पर गठित समिति से यह जांच करने को भी कहा है कि क्या विस्तारित हिस्सा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में पड़ता है या नहीं।

एनजीटी चेयरपर्सन स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम दो मुद्दों पर गौर कर रहे हैं, पहला क्या मंदिर का विस्तारित हिस्सा यमुना नदी के बाढ़ग्रस्त इलाके में पड़ता है या नहीं और दूसरा, क्या ‘मैली से निर्मल यमुना’ पुनरुद्धार योजना 2017 के लिए गठित मुख्य समिति ट्रिब्यूनल की शर्तों का अनुपालन कर रही या नहीं।

विज्ञापन

विस्तार के कुल खर्च का 5 फीसदी देना होगा जुर्माना

NGT impose fine on akshardham mandir

एनजीटी ने अक्षरधाम मंदिर प्रबंधन पर नेशनल हाइवे-24 से लगती नदी किनारे स्थित मंदिर परिसर के विस्तार पर आए कुल खर्च का 5 फीसदी जुर्माना लगाया। साथ ही एनजीटी ने मुख्य समिति को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

पीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए ज्यादातर मुद्दों का 7 जुलाई के फैसले में निपटारा हो चुका है। संबंधित मुद्दों को लेकर पहले ही दो समितियों का गठन किया जा चुका है। ऐसे में तीसरी समिति बनाने का सवाल ही नहीं उठता।

एनजीटी ने 13 जुलाई को यमुना नदी के पुनरुद्धार से संबंधित योजना पर निर्देश के लिए मुख्य समिति का गठन किया था। दूसरी समिति का गठन 7 जुलाई को किया गया था।

यमुना नदी का क्षेत्र किया अतिक्रमण

NGT impose fine on akshardham mandir

सामाजिक कार्यकर्ता मनोज मिश्रा की याचिका की एनजीटी सुनवाई कर रही है। मिश्रा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि 2011 में निर्माण कार्य शुरू किए जाने से पहले मंजूरी नहीं मिली थी।

और यह वर्ष 2006 के पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन अधिसूचना का उल्लंघन करते हुए प्रदान किया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि बाद में परियोजना को पर्यावरण मंजूरी 30 जुलाई 2013 को प्रदान की गई।

इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि यमुना के जलग्रहण क्षेत्र का अतिक्रमण करते हुए विस्तार किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed