फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   new technology become hurdle in easy travel in faridabad

नई तकनीकी बनी आसान सफर की राह में बाधा

Sat, 15 Jul 2017 05:56 PM IST
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 15 Jul 2017 05:56 PM IST
विज्ञापन
new technology become hurdle in easy travel in faridabad
- फोटो : amar ujala

दिल्ली-एनसीआर के लिए सबसे महत्वपूर्ण मेट्रो कॉरीडोर (बॉटेनिकल गार्डन नोएडा से कालका जी सेक्शन) का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस कॉरीडोर पर नई तकनीकी के इस्तेमाल ने यात्रियों की बेसब्री बढ़ा दी है।

विज्ञापन


दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों की मानें तो नवंबर से पहले यात्रियों को इस रूट पर मेट्रो का तोहफा नहीं मिलेगा। कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम पर आधारित ड्राइवरलेस मेट्रो को यात्रियों के लिए कॉरीडोर पर उतारने में डीएमआरसी कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। यही वजह है कि आठ महीने से चल रहे ट्रायल रन को अक्तूबर तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन


नोएडा के बॉटेनिकल गार्डन से दिल्ली के जनकपुरी वेस्ट तक 38.98 किलोमीटर लंबी मेट्रो रेल परियोजना (मजेंटा लाइन) के अंतर्गत आने वाला करीब 13 किलोमीटर लंबा बॉटेनिकल गार्डन से कालका जी सेक्शन एनकसीआर के लिए सबसे अहम माना जा रहा है। इससे न केवल नोएडा और दिल्ली आपस में जुड़ेंगे, बल्कि फरीदाबाद और गुरुग्राम की नोएडा से दूरियां भी सिमट जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली मेट्रो ने जून 2017 से बॉटेनिकल गार्डन से कालका जी के बीच मेट्रो संचालन का दावा किया था, लेकिन यह सेक्शन दिल्ली मेट्रो के इतिहास में सबसे लंबे ट्रायल रन वाला गया है। अक्तूबर में ट्रायल शुरू हुआ था। माना जा रहा है कि अक्तूबर इसे जारी रखा जाएगा। मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले सीआरएस (कमिश्नर रेल सेफ्टी) की क्लीयरेंस लेनी होगी, इसके लिए अब तक आवेदन भी नहीं किया गया है। सूत्रों की मानें तो ट्रायल रन से अभी खुद डीएमआरसी के अधिकारी ही संतुष्ट नहीं है। ऐसे में सीआरएस क्लीयरेंस के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है।

ऐसे आसान होगी राह 
फरीदाबाद से नोएडा (बॉटेनिकल गार्डन) जाने के लिए मंडीहाउस इंटरचेंज से मेट्रो बदलनी होती है, लेकिन मजेंटा लाइन शुरू होने के बाद कालका जी से सीधे बॉटेनिक गार्डन की बीच की दूरी 25 किलोमीटर से घटकर 13 किलोमीटर रह जाएगी। इसी तरह मजेंटा लाइन पर बन रहा हौजखास इंटरचेंज बनने से गुरुग्राम से नोएडा के बीच रोजाना आवाजाही करने के वाले हजारों यात्रियों केंद्रीय सचिवालय जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि फिलहाल हुडा सिटी सेंटर से बॉटेनिकल गार्डन तक 35 स्टेशन पड़ते हैं, लेकिन हौजखास इंटरचेंज से शुरू होने के बाद महज 26 स्टेशन गुरुग्राम-नोएडा के बीच होंगे।

ये है नई तकनीकी
कालकाजी से बॉटनिकल गार्डन के बीच कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिस्टम के जरिए मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। इस नई तकनीकी के तहत इस कॉरीडोर पर चलने वाली ट्रेनें चालक रहित होंगी। ट्रेनों को रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए मेट्रो कंट्रोल रूम से चलाया जाएगा। पहली बार प्रयोग में लाई जा रही इस तकनीकी का इस्तेमाल दिल्ली मेट्रो के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में हर तरह से संतुष्ट होने के बाद ही इस कॉरीडोर को यात्रियों के लिए खोला जाएगा।


प्रोजेक्ट एक नजर में
कॉरिडोर की कुल लंबाई    34.273 किलोमीटर      
एलीवेटेड स्टेशन        23      
अंडरग्राउंड स्टेशन         15      
जनकपुरी वेस्ट से कालिंदी कुंज तक राइडरशिप का अनुमान    3,61,356      
कालिंदी कुंज से बॉटेनिकल गार्डन तक राइडरशिप का अनुमान    46,056

फरीदाबाद से इस तरह फायदा
09 स्टेशन रह जाएंगे घटकर कालका जी से बॉटेनिकल गार्डन के बीच
12 किलोमीटर कम दूरी तय करनी बॉटेनिकल गार्डन तक सफर के लिए
60 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगेगा फरीदाबाद से नोएडा पहुंचने में

फिलहाल ट्रायल रन जारी है। सीआरएस सर्वे के लिए जल्द ही आवेदन किया जा सकता है। प्रक्रिया पूरी होने में अक्तूबर तक का समय लगने का अनुमान है। ऐसे में नवंबर से यात्रियों के लिए पहले मेट्रो का परिचालन शुरू हो पाना मुश्किल है।-प्रवक्ता-डीएमआरसी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed