फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   new super specialty block constructed at RML Hospital will start functioning soon

इलाज होगा आसान: दिल में छेद की समस्या होगी दूर, बच्चा नहीं पड़ेगा नीला; इन लक्षणों पर रखे नजर

Tue, 11 Feb 2025 08:06 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 11 Feb 2025 08:06 AM IST
सार

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में तैयार हुआ नया सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक जल्द शुरू होगा। इस ब्लॉक में कार्डियो सर्जरी के लिए चार ऑपरेशन थियेटर की सुविधा होगी।

विज्ञापन
new super specialty block constructed at RML Hospital will start functioning soon
Doctor - फोटो : istock

विस्तार

बच्चों के दिल में छेद, दिल से फेफड़ों तक जाने का रास्ता बंद होना और दिल की मुख्य धमनी का रास्ता बंद होने का इलाज अब आसान होगा। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ऐसे बच्चों की सर्जरी की सुविधा बढ़ेगी। अस्पताल में हर साल ऐसे करीब 300 बच्चों की सर्जरी हो रही है।

विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में तैयार हुआ नया सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक जल्द शुरू होगा। इस ब्लॉक में कार्डियो सर्जरी के लिए चार ऑपरेशन थियेटर की सुविधा होगी। ओटी की संख्या बढ़ने से सर्जरी की संख्या भी बढ़ेगी। ऐसे में सर्जरी के लिए इंतजार कर रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा ब्लॉक में आईसीयू बेड, कैथ लैब की सुविधा भी बढ़ेगी।
विज्ञापन


दरअसल, ऐसे बच्चों की पहचान जल्द करने के लिए अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के प्रोफेसर ने बच्चों की जल्द पहचान के कारक बताए। साथ में लक्षणों पर भी चर्चा हुई। सीटीवीएस विभाग के प्रमुख डॉ. विजय ग्रोवर ने बताया कि अस्पताल में हर साल करीब 300 ऐसे बच्चों की सर्जरी होती है। ऐसे बच्चों में दिल में छेद, दिल की मुख्य धमनी का रास्ता न बनना और फेफड़ों तक जाने वाली धमनी बंद होना सहित दूसरी दिक्कतें देखी जाती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यदि ऐसे बच्चे समय पर अस्पताल आ जाते हैं और समय पर सर्जरी हो जाती है तो 70 फीसदी बच्चे सामान्य जिंदगी जी सकते हैं। उनका कहना है कि बच्चों के दिल में छेद को कंजेनिटल हार्ट डिफेक्ट कहते हैं। यह जन्मजात हृदय रोग है। इसके अलावा जल्दी के दौरान बच्चे के कुछ अंग भी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते, जिसके लिए सर्जरी करनी पड़ती है।

लक्षणों पर रखे नजर
-समय पर बच्चे का वजन न बढ़ना
-बच्चे के दूध पीने में थक जाना
-दूध पीते समय पसीना आना
-बार-बार निमोनिया आना
-रोने पर नीला पड़ जाना
-ऐसे हो सकती है पहचान
-ब्लड में ऑक्सीजन लेवल देखकर
-छाती का परीक्षण करके
-ईको जांच से
-यह हो सकती है दिक्कत
-सांस लेने में दिक्कत
-त्वचा, होंठ और नाखूनों पर नीलापन आना

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed