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नया विरोध, आज सामूहिक छुट्टी पर दिल्ली सरकार के ये अधिकारी

Wed, 30 Dec 2015 11:39 PM IST
Updated Wed, 30 Dec 2015 11:39 PM IST
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new protests, the officials of the Delhi government today on collective vacation

आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार और दिल्ली अंडमान निकोबार सिविल सर्विस (दानिक्स) अधिकारियों के बीच तनातनी हो गई है। नया मामला गृह विभाग के दो विशेष सचिव के निलंबन को लेकर उठा है।

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दोनों विशेष सचिव यशपाल गर्ग और सुभाष चंद्रा को गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली कैबिनेट के फैसले की अधिसूचना करने के लिए हस्ताक्षर नहीं करने पर मंगलवार को निलंबित कर दिया था।

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दानिक्स एसोसिएशन ने गृह मंत्रालय से निलंबन आदेश को अवैध और गैर कानूनी घोषित करने की मांग की है। एसोसिएशन का तर्क है कि जिस फाइल को साइन नहीं करने पर निलंबन का आदेश दिया गया, उसे उपराज्यपाल अंतिम फैसले के लिए ट्रांजिक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स, 1993 के नियम 50 में राष्ट्रपति को भेज चुके हैं। दानिक्स एसोसिएशन ने बुधवार को बैठक करके 31 दिसंबर को सामूहिक छुट्टी का फैसला किया है।
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उपराज्यपाल के आदेश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई हो सकती है

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दानिक्स ऑफिसर्स एसोसिएशन ने बैठक करके इस बात पर असंतोष जाहिर किया है कि दिल्ली सरकार सिर पर बंदूक रखकर फाइल साइन करवाना चाहती है।


जब किसी मामले को लेकर उपराज्यपाल ने फाइल भेजे जाने की बात कह रखी है तो फिर बिना फाइल भेजे हस्ताक्षर कैसे किए जा सकते हैं। ऐसी तमाम विभागों में फाइलें हैं जिस पर साइन करना खतरे से खाली नहीं है। फिर कंट्रोलिंग अथॉरिटी गृह मंत्रालय है। उपराज्यपाल के आदेश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई हो सकती है।

एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें कहा गया कि दानिक्स अधिकारी सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के माध्यम से राष्ट्रपति के अधीन काम करते हैं। यह निलंबन आदेश कानून का उल्लंघन है।

अधिकारियों पर जुल्म और धमकी तुरंत बंद हो

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कानूनी प्रावधानों के अनुसार, अधिकारी को फ्री होकर काम करने की छूट होनी चाहिए। अधिकारियों पर जुल्म और धमकी तुरंत बंद हो और बिना डर के काम करने दिया जाए।

बैठक में शामिल वरिष्ठ दानिक्स अधिकारी ने बताया कि विरोध से संबंधित एक पत्र मुख्य सचिव को दे दिया है। सामूहिक छुट्टी का फैसला किया गया है। विशेष बात यह है कि मुख्यमंत्री को छोड़कर बाकी मंत्रियों के सचिव दानिक्स हैं।

ऐसे में सरकार के कामकाज में दिक्कत आनी तय है। बताते हैं कि हर विभाग में सरकार और उपराज्यपाल के बीच झूलने वाली फाइल हैं, ऐसे में हर समय तलवार लटकी नजर आ रही है। सीएल लेंगे, जिसकी पूर्व एप्रूवल की सूचना नहीं है।

इस पर दिल्ली सरकार के प्रवक्ता नागेन्द्र शर्मा का कहना है कि छुट्टी पर अगर जाते हैं तो सरकार अपना एक्शन उसके बाद तय करेगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली कैबिनेट ने सरकारी वकील और जेल के अधिकारियों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया था।

नियमानुसार यह फाइल उपराज्यपाल को भेजी जानी चाहिए

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नियमानुसार यह फाइल उपराज्यपाल को भेजी जानी चाहिए, लेकिन आप सरकार ऐसा नहीं चाहती थी। दोनों विशेष सचिव ने उस फाइल पर साइन करने को मना कर दिया। तर्क था कि उपराज्यपाल से स्वीकृति ली जानी चाहिए।


इस पर दोनों अधिकारियों को गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने निलंबित कर दिया। इसके अलावा शकूरबस्ती में झुग्गी हटाए जाने वाले मामले में दो और ऑटो रिक्शा परमिट के मामले में भी एक दानिक्स को निलंबित किए जाने को लेकर दानिक्स अधिकारियों में रोष है।

दिल्ली सरकार के सभी विभागों में दानिक्स अधिकारी तैनात हैं। करीब दो सौ अधिकारियों के अचानक छुट्टी पर जाने से सरकार का काम बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है।

बृहस्पतिवार को सम-विषम फार्मूला ट्रायल भी होना है, जिसमें एसडीएम, परिवहन विभाग के अधिकारी भी लगे हैं। अगर एसोसिएशन की घोषणा के हिसाब से सामूहिक छुट्टी सभी लेते हैं, तो सम-विषम फार्मूले के समन्वय ट्रायल में बाधा पैदा हो सकती है।

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