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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   New political equations emerge in Punhana following the rally; Javed's entry casts doubt on the ticket aspirations of several leaders.

Delhi NCR News: रैली के बाद पुन्हाना की राजनीति में नए समीकरण, जावेद की इंट्री कई नेताओं की टिकट की उम्मीदों पर संशय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:25 AM IST
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2029 के विधानसभा चुनाव को लेकर तेज हुई चर्चाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी

नूंह।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मेवात विकास संकल्प रैली ने जहां मेवात के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। वहीं पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में भी नए समीकरण पैदा कर दिए हैं। कांग्रेस से निलंबित विधायक मोहम्मद इलियास के पुत्र एडवोकेट जावेद के भाजपा में शामिल होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम का असर आगामी विधानसभा चुनावों तक देखने को मिल सकता है। पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पिछले कई वर्षों से अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी के कई स्थानीय नेता लगातार संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय रहने के साथ-साथ क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि यदि पार्टी 2029 के विधानसभा चुनाव में पुन्हाना से मजबूत उम्मीदवार उतारती है तो टिकट उनके खाते में आ सकती है। लेकिन जावेद के भाजपा में शामिल होने के बाद इन नेताओं की राजनीतिक संभावनाओं पर सवाल उठने लगे हैं। रैली के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंच से जावेद का कई बार नाम लेकर उल्लेख किया। जावेद द्वारा रखी गई अधिकांश मांगों को मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा भी की। राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा नेतृत्व द्वारा जावेद को विशेष महत्व दिए जाने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।


पुन्हाना मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्र है और यहां भाजपा लंबे समय से अपना जनाधार बढ़ाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में जावेद के आने से पार्टी को एक प्रभावशाली मुस्लिम चेहरा मिला है, जो सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भाजपा की रणनीति को मजबूती दे सकता है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यदि जावेद क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और संगठन का विश्वास बनाए रखते हैं तो भविष्य में उन्हें बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी मिल सकती है। रैली के बाद क्षेत्र में सबसे अधिक चर्चा इसी बात की रही कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जावेद को जिस तरह प्रमुखता मिली, उसने स्थानीय भाजपा नेताओं के बीच नई राजनीतिक बेचैनी पैदा कर दी है। कई नेता अब बदलते राजनीतिक हालात के अनुसार अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
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