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Delhi NCR News: दिल्ली में नए फायर सेफ्टी नियम लागू, छह मीटर रास्ते से स्प्रिंकलर तक जरूरी
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लगातार निगरानी और इमरजेंसी पावर बैकअप अनिवार्य किए गए फायर सेफ्टी नियम अब यूबीबीएल के नए प्रावधानों के अनुरूप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने इमारतों में आग से सुरक्षा के नियम और सख्त कर दिए हैं। दिल्ली फायर सर्विस संशोधन नियम 2026 को अधिसूचित कर दिया गया है। उपराज्यपाल ने दिल्ली फायर सर्विस अधिनियम 2007 के तहत इन नियमों को जारी किया है। नए प्रावधानों में भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को संशोधित यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप किया गया है। नए नियमों के तहत इमारतों तक फायर इंजन की पहुंच के लिए छह मीटर चौड़ा स्पष्ट रास्ता रखना जरूरी होगा। इसके अलावा स्प्रिंकलर सिस्टम और आपात स्थिति में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था जैसे सुरक्षा उपाय भी अनिवार्य किए गए हैं। भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की भी व्यवस्था की गई है।
ऑडिट में मनमानी पर लगेगी रोक
फायर सेफ्टी की जांच के लिए मानकीकृत ऑडिटर चेकलिस्ट लागू की जाएगी। इससे अलग-अलग भवनों में सुरक्षा मानकों की जांच एक समान तरीके से होगी। सरकार का कहना है कि इससे निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वालों की जवाबदेही तय करना आसान होगा।
आधुनिक मानकों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। नए नियमों के जरिए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। लगातार निगरानी, अनिवार्य सुरक्षा उपकरण और स्पष्ट निरीक्षण व्यवस्था से दिल्ली को अधिक सुरक्षित और आपदा से निपटने में सक्षम शहर बनाने में मदद मिलेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने इमारतों में आग से सुरक्षा के नियम और सख्त कर दिए हैं। दिल्ली फायर सर्विस संशोधन नियम 2026 को अधिसूचित कर दिया गया है। उपराज्यपाल ने दिल्ली फायर सर्विस अधिनियम 2007 के तहत इन नियमों को जारी किया है। नए प्रावधानों में भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को संशोधित यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप किया गया है। नए नियमों के तहत इमारतों तक फायर इंजन की पहुंच के लिए छह मीटर चौड़ा स्पष्ट रास्ता रखना जरूरी होगा। इसके अलावा स्प्रिंकलर सिस्टम और आपात स्थिति में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था जैसे सुरक्षा उपाय भी अनिवार्य किए गए हैं। भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की भी व्यवस्था की गई है।
ऑडिट में मनमानी पर लगेगी रोक
फायर सेफ्टी की जांच के लिए मानकीकृत ऑडिटर चेकलिस्ट लागू की जाएगी। इससे अलग-अलग भवनों में सुरक्षा मानकों की जांच एक समान तरीके से होगी। सरकार का कहना है कि इससे निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वालों की जवाबदेही तय करना आसान होगा।
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आधुनिक मानकों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। नए नियमों के जरिए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। लगातार निगरानी, अनिवार्य सुरक्षा उपकरण और स्पष्ट निरीक्षण व्यवस्था से दिल्ली को अधिक सुरक्षित और आपदा से निपटने में सक्षम शहर बनाने में मदद मिलेगी।
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