फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   New challenge in the field of bpo in india

पड़ोस के छोटे देश दे रहे भारत को बड़ी चुनौती

Fri, 24 Jul 2015 10:17 AM IST
Updated Fri, 24 Jul 2015 10:17 AM IST
विज्ञापन
New challenge in the field of bpo in india

आने वाला समय सिर्फ गुड़गांव ही नहीं देश भर के आईटी हब के लिए चुनौतीपूर्ण है। दुनिया में अपने आईटी हब के माध्यम से धूम मचाने वाले भारत को एशिया के अन्य छोटे-छोटे देश अब चुनौती देने लगे हैं।

विज्ञापन


इनमें थाइलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर के नाम प्रमुख हैं। वहां आईटी-बीपीओ का शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। यही नहीं वह पश्चिमी देशों कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन से कारोबार भी हासिल करने लगे हैं। आईटी विशेषज्ञों की मानें तो यह सब कुछ भारत की कीमत पर हो रहा है।
विज्ञापन


गुड़गांव, नोएडा, हैदराबाद और बंगलूरू के आईटी-बीपीओ हब को सबसे अधिक कारोबार (आउटसोर्सिंग) अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों से होता है। अब इसमें एशिया के छोटे देशों की भी हिस्सेदारी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाइटेक इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि इन देशों की सरकारें अपने आईटी हब को और प्रगतिशील बनाने का काम कर रही हैं। वहां निवेश करने वाली कंपनियों को टैक्स से लेकर अन्य सभी प्रकार की शानदार बुनिदयादी सुविधाएं दे रही हैं। जो भारत के आईटी हब को नहीं मिल रही है।

सरकार नहीं दे रही कोई राहत

New challenge in the field of bpo in india

मलेशिया के शहर पुत्रजय में बेहतरीन आईटी हब है। यह हब दुनिया की बड़ी आईटी-बीपीओ कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। इसके मुकाबले गुड़गांव में कोई नई आईटी-बीपीओ कंपनी नहीं आ रही है। ना यहां सरकार की ओर से कोई राहत दी जा रही है।

विश्व के पहले ग्रामीण महिला बीपीओ हर्वा के सीईओ अजय चतुर्वेदी का कहना है कि इस बारे में चौकन्ना होने की जरूरत है। अगर देश के आईटी हब इस मामले में पिछड़ गए तो आने वाले समय में काफी मुश्किल हो सकती है।

नैस्कॉम हरियाणा के को-चेयरमैन राकेश कपूर का कहना है कि गुड़गांव के आईटी हब में काफी समस्याएं हैं। इस कारण कंपनियों का यहां से मोह भंग हो रहा है।

अब चीन भी उभर रहा है

New challenge in the field of bpo in india

गुड़गांव के आईटी-बीपीओ हब ने अपना सफर 11,000 करोड़ रुपये से शुरू किया था। जो वर्ष 2008-09 में 15,000 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2011-12 में यह 21,400 करोड़ हो गया।

वर्ष 2012-13 में यह 25,000 करोड़ रुपये के स्तर को छुआ। वर्ष 2013-14 में गुड़गांव के आईटी हब का कारोबार 31,200 करोड़ रुपये के स्तर पर है।

प्राइम कॉल इंटरनेशनल की डायरेक्टर एचआर विनीता यादव का कहना है कि आईटी-बीपीओ सेक्टर में अपनी भाषाई समस्या के कारण चीन आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

मगर अब वहां यह परेशानी खत्म होने लगी है। वहां के आईटी हब से भी भारत को तगड़ी चुनौती मिलने जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed