NSUT: छात्रों के उद्यमिता के सपने को उड़ान देगी फैब और आईओटी लैब, 3 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होगी तैयार
विश्वविद्यालय के द्वारका स्थित मुख्य कैंपस में 50 स्टार्टअप को नई लैब की सुविधा मिलेगी। वहीं, पूर्वी कैंपस में 60 बच्चों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी। चूंकि, एक स्टार्टअप की टीम में चार से पांच छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में 300 से अधिक छात्रों को नई सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
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एनएसयूटी की पूर्वी कैंपस के निदेशक डॉ. प्रेरणा गौर ने बताया कि छात्रों के उद्यमिता के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से यह परियोजना प्रस्तावित थी। इसके लिए टीम ने फैब्रिकेशन व आईओटी लैब का प्रस्ताव तैयार कर डीएसआईआईडीसी को भेजा था। विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। साथ ही तीन करोड़ रुपये से अधिक का फंड विश्वविद्यालय के लिए जारी किया गया है। इसके तहत मुख्य कैंपस में फैब्रिकेशन लैब व आईओटी केंद्र स्थापित होगा, वहीं पूर्वी कैंपस में आईओटी लैब बनेंगी।
फैब्रिकेशन लैब में विचारों को उत्पादों में उतार सकेंगे छात्र
फैब्रिकेशन लैब तैयार होने के बाद छात्र अपने विचारों को उत्पादों में उतार सकेंगे। लैब में मौजूद अत्याधुनिक उपकरणों की वजह से छात्र उत्पादों को आकार देंगे। लैब को इस तरह से तैयार किया जाएगा, जिससे यहां सभी संकायों का छात्र अपने विचारों पर काम कर सकें। यहां इलेक्ट्रिकल, बायोमेडिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स के उपकरणों को शामिल किया जाएगा। इसमें सोल्डिंग स्टेशन, लेजर कटिंग मशीन, सीएनसी मशीन व कंप्यूटर को भी जोड़ा जाएगा।
वहीं, छात्रों व फैकल्टी की सुविधा को देखते हुए लैब में लॉकर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से लैब को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। शुरुआत में इसे विश्वविद्यालय की ओर से तकनीकी मदद मिलेगी, हालांकि बाद में डीएसआईआईडीसी की ओर से उच्च स्तर पर तकनीकी मदद प्रदान की जाएगी।
नेटवर्किंग, डाटा ट्रांसफर व कोडिंग प्रोग्राम की सुविधा
विश्वविद्यालय की आईओटी लैब में छात्रों को नेटवर्किंग, सेंसर, क्लाउड कंप्यूटिंग, डाटा ट्रांसफर व कोडिंग प्रोग्राम की सुविधा मिलेगी। कृत्रिम बुद्धिमता की मदद से छात्र अपने उत्पादों को तकनीकी दक्षता प्रदान कर सकेंगे। इसके लिए लैब में छात्रों के लिए फैकल्टी मौजूद रहेगी। छात्र जो भी उत्पाद बनाएंगे, उन्हेे लैब की मदद से तकनीकी मदद मिलने के बाद उन्हें बाहरी किसी और लैब का रूख नहीं करना पड़ेगा।
दिसंबर तक नई सुविधा का परीक्षण होगा पूरा
विश्वविद्यालय में दोनों नई सुविधाओं के लिए सिंतबर-अक्तूबर तक उपकरणों को खरीद लिया जाएगा। उपकरण लगने के बाद दिसंबर तक इनका पूरा परीक्षण कर लिया जाएगा। वहीं, मार्च तक यह लैब छात्रों को समर्पित कर दी जाएंगी। ऐसे में आने वाले वाले शैक्षणिक सत्र में छात्र नई सुविधा का लैब उठा सकेंगे।
मुख्य कैंपस में 50 स्टार्टअप को मिलेगी सुविधा
विश्वविद्यालय के द्वारका स्थित मुख्य कैंपस में 50 स्टार्टअप को नई लैब की सुविधा मिलेगी। वहीं, पूर्वी कैंपस में 60 बच्चों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी। चूंकि, एक स्टार्टअप की टीम में चार से पांच छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में 300 से अधिक छात्रों को नई सुविधा का लाभ मिल सकेगा।