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क्यों दोबारा हुआ नेपाली रेप पी़ड़िताओं का मेडिकल?

Thu, 10 Sep 2015 07:55 PM IST
Updated Thu, 10 Sep 2015 07:55 PM IST
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nepali rape victims medical report kept secret

डीएलएफ फेज-2 में नेपाली युवतियों को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी के विदेश भाग जाने की आशंका के बीच बताया गया है कि आरोपी भारत में सऊदी अरब राजदूत का प्रथम सचिव है।

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पूरे मामले को लेकर पुलिस ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है। बुधवार को पीड़ित लड़कियों का दोबारा मेडिकल कराया गया। हालांकि मेडिकल में क्या सामने आया, पुलिस इसका खुलासा नहीं कर रही।
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पुलिस ने सऊदी राजनयिक और अन्य के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, अप्राकृतिक यौनाचार, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है।
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बताया गया है कि मामला एंबेसी से जुड़ा होने की वजह से पुलिस ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिख घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है। वहीं पीड़ित युवतियों का बयान अदालत में दर्ज कराने के बाद नेपाल एंबेसी को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है।

बता दें कि दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे स्थित कैटरोइना अपार्टमेंट में सऊदी अरब की एंबेसी से जुड़े लोग रहते हैं। यहां बंधक बनाकर रखी गई दो लड़कियों को पुलिस ने एनजीओ के साथ मिलकर मुक्त कराया था। एसीपी अपराध राजेश कुमार के अनुसार पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

असमंजस में उलझी शहर की पुलिस

nepali rape victims medical report kept secret

नेपाली लड़कियों से दुष्कर्म के आरोपी माजिद पर कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय करार की वजह से पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं। बताया गया है कि कमिश्नरी की पुलिस ऐसे किसी पहले मामले में उलझी पड़ी है, जिसमें दो मित्र राष्ट्रों का मामला है।

ऐसे में पुलिस असमंजस पर है कि किसका सहयोग किया जाए। दूतावास में कार्यरत अधिकारी पर लगे दुष्कर्म और अन्य गंभीर आरोप की जांच में पुलिस के हाथ बंधे हैं।

कानूनी दांवपेच के चलते पुलिस को इस मामले में विदेश मंत्रालय से अनुमति का इंतजार है। मामला हाईप्रोफाइल रहने के कारण पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है।

वर्ष 1961 के वियना संधि के तहत एंबेसी में कार्यरत किसी भी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई करने से पहले विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है।

सऊदी अरब एंबेसी की ओर से साफ तौर पर हरियाणा पुलिस पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। पुलिस के सामने एक ओर नेपाल की पीड़ित लड़कियां हैं तो दूसरी ओर सऊदी अरब है।

मामले के खुलासे पर मामला दर्ज कर इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब एंबेसी व पुलिस महानिदेशक को भेजी जा चुकी है। मामला बड़ा होने के कारण कोई भी पुलिस अधिकारी मीडिया को कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है।

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