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Delhi NCR News: चिकित्सक की हत्या में वांछित नेपाली गैंगस्टर मुठभेड़ में ढेर
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आस्था कुंज पार्क के पास दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ और गुरुग्राम अपराध शाखा की टीम ने की कार्रवाई
मई 2024 में 63 वर्षीय चिकित्सक योगेश चंद्र पॉल की जंगपुरा स्थित आवास में डकैती के दौरान कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ और गुरुग्राम अपराध शाखा की टीम ने आस्था कुंज पार्क के पास मुठभेड़ में इनामी वांछित नेपाली गैंगस्टर भीम महाबहादुर जोरा (39) को मार गिराया। आरोपी गैंगस्टर मई 2024 में 63 वर्षीय चिकित्सक योगेश चंद्र पॉल की उनके जंगपुरा स्थित आवास में डकैती के दौरान हत्या के मामले में वांछित था। दिल्ली पुलिस ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम रखा था।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डाॅ. हेमंत तिवारी ने बताया कि जोरा एक नेपाली गिरोह का मुख्य सरगना था। वह अपने गिरोह के बदमाशों को भारत के महानगरों में संपन्न परिवारों में घरेलू सहायक के रूप में काम पर रखवाता था। उन्होंने बताया कि परिवारों का विश्वास हासिल करने के बाद बदमाश नकदी और कीमती सामान लूटने से पहले उन्हें नींद की गोलियां देते थे और कभी-कभी हिंसा या हत्या को भी अंजाम देते थे।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि यह मुठभेड़ सोमवार-मंगलवार की रात को उस समय हुई जब जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी राजेंद्र सिंह डागर और हरियाणा पुलिस की टीम को राजधानी में जोरा की गतिविधि के बारे में सूचना मिली। वह जंगपुरा हत्याकांड के बाद से बार-बार नेपाल भागकर गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा कि आस्था कुंज पार्क के पास उसे पकडऩे की योजना बनाई गई। जब पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उसने पुलिस पर गोलियां चला दीं। उसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलियां चलाईं।
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पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों द्वारा चलाई गई दो गोलियां गुरुग्राम पुलिस के निरीक्षक नरेंद्र शर्मा और दिल्ली पुलिस के एसआई शुभम चौधरी की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगीं, जिससे वे बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जोरा के पैरों पर दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जोरा को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक स्वचालित पिस्तौल और कारतूस बरामद किया है। मई 2024 में जोरा अपने गिरोह के बदमाशों के साथ जंगपुरा स्थित चिकित्सक पॉल के घर में घुस कर डकैती के दौरान चिकित्सक पर जानलेवा हमला किया।
अन्य आरोपी पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले का उस समय खुलासा हुआ जब पुलिस ने एक आरोपी बसंती को गिरफ्तार किया, जो चिकित्सक के घर पर घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जोरा और उसके अन्य साथी नेपाल भाग गए और लगभग 16 महीने तक गिरफ्तारी से बचते रहे।
गिरोह कई राज्यों में है सक्रिय
गुरुग्राम पुलिस शहर में हाल में दर्ज दो मामलों के सिलसिले में उस पर नजऱ रख रही थी। अधिकारी ने बताया कि भीम महावीर जोरा के नाम से भी पहचाने जाने वाले आरोपी द्वारा संचालित आपराधिक गिरोह में नेपाली नागरिक शामिल थे। यह गिरोह दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय था। डाॅ. तिवारी ने बताया कि वह घरेलू सहायक के रूप में काम करते थे और बाद में कीमती सामान लूटने से पहले परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ मिला हुआ खाना या पेय पदार्थ देकर बेहोश कर देते थे। जोरा 2014 से सक्रिय था और कई राज्यों में दर्ज डकैती, चोरी और हत्या के पांच अन्य मामलों से जुड़ा था।
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मई 2024 में 63 वर्षीय चिकित्सक योगेश चंद्र पॉल की जंगपुरा स्थित आवास में डकैती के दौरान कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ और गुरुग्राम अपराध शाखा की टीम ने आस्था कुंज पार्क के पास मुठभेड़ में इनामी वांछित नेपाली गैंगस्टर भीम महाबहादुर जोरा (39) को मार गिराया। आरोपी गैंगस्टर मई 2024 में 63 वर्षीय चिकित्सक योगेश चंद्र पॉल की उनके जंगपुरा स्थित आवास में डकैती के दौरान हत्या के मामले में वांछित था। दिल्ली पुलिस ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम रखा था।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डाॅ. हेमंत तिवारी ने बताया कि जोरा एक नेपाली गिरोह का मुख्य सरगना था। वह अपने गिरोह के बदमाशों को भारत के महानगरों में संपन्न परिवारों में घरेलू सहायक के रूप में काम पर रखवाता था। उन्होंने बताया कि परिवारों का विश्वास हासिल करने के बाद बदमाश नकदी और कीमती सामान लूटने से पहले उन्हें नींद की गोलियां देते थे और कभी-कभी हिंसा या हत्या को भी अंजाम देते थे।
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पुलिस उपायुक्त ने बताया कि यह मुठभेड़ सोमवार-मंगलवार की रात को उस समय हुई जब जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी राजेंद्र सिंह डागर और हरियाणा पुलिस की टीम को राजधानी में जोरा की गतिविधि के बारे में सूचना मिली। वह जंगपुरा हत्याकांड के बाद से बार-बार नेपाल भागकर गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा कि आस्था कुंज पार्क के पास उसे पकडऩे की योजना बनाई गई। जब पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उसने पुलिस पर गोलियां चला दीं। उसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलियां चलाईं।
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पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों द्वारा चलाई गई दो गोलियां गुरुग्राम पुलिस के निरीक्षक नरेंद्र शर्मा और दिल्ली पुलिस के एसआई शुभम चौधरी की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगीं, जिससे वे बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जोरा के पैरों पर दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जोरा को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक स्वचालित पिस्तौल और कारतूस बरामद किया है। मई 2024 में जोरा अपने गिरोह के बदमाशों के साथ जंगपुरा स्थित चिकित्सक पॉल के घर में घुस कर डकैती के दौरान चिकित्सक पर जानलेवा हमला किया।
अन्य आरोपी पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले का उस समय खुलासा हुआ जब पुलिस ने एक आरोपी बसंती को गिरफ्तार किया, जो चिकित्सक के घर पर घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जोरा और उसके अन्य साथी नेपाल भाग गए और लगभग 16 महीने तक गिरफ्तारी से बचते रहे।
गिरोह कई राज्यों में है सक्रिय
गुरुग्राम पुलिस शहर में हाल में दर्ज दो मामलों के सिलसिले में उस पर नजऱ रख रही थी। अधिकारी ने बताया कि भीम महावीर जोरा के नाम से भी पहचाने जाने वाले आरोपी द्वारा संचालित आपराधिक गिरोह में नेपाली नागरिक शामिल थे। यह गिरोह दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय था। डाॅ. तिवारी ने बताया कि वह घरेलू सहायक के रूप में काम करते थे और बाद में कीमती सामान लूटने से पहले परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ मिला हुआ खाना या पेय पदार्थ देकर बेहोश कर देते थे। जोरा 2014 से सक्रिय था और कई राज्यों में दर्ज डकैती, चोरी और हत्या के पांच अन्य मामलों से जुड़ा था।