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डॉक्टरों की लापरवाही, डेंगू से दो बच्चियों ने तोड़ा दम

Fri, 18 Sep 2015 02:36 PM IST
Updated Fri, 18 Sep 2015 02:36 PM IST
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Negligence of doctors, because of dengue two girls death

राजधानी में डेंगू के चलते साढ़े तीन साल की नेहा तान्या और नौ वर्ष की सबरीन फातिमा की मौत हो गई। नेहा में जब डेंगू की पुष्टि हुई उसके चंद घंटों बाद ही उसने दम तोड़ दिया।

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उनके पिता का कहना है कि समय रहते डॉक्टर इसकी पहचान नहीं कर पाए। वहीं अबुल फजल एन्क्लेव में रहने वाली सबरीना राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थी।

15 सितंबर की देर रात उसकी मौत हो गई। इस तरह अब तक दिल्ली में डेंगू से मरने वालों की संख्या 22 तक पहुंच गई है, जबकि दिल्ली सरकार के आंकड़ों में मृतकों की संख्या 11 से 15 के बीच है।
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अगर लापरवाही नहीं होती तो जिंदा होती दोनों

Negligence of doctors, because of dengue two girls death

नेहा तान्या के पिता का कहना है कि यदि डॉक्टर बीमारी की पहचान कर इलाज शुरू कर देते तो आज उनकी बेटी इस दुनिया में रहती। देवली के संगम विहार इलाके में रहने वाले विनोद माथुर ने बताया कि नेहा को मामूली बुखार था और पेट में दर्द हो रहा था।


पेट दर्द की शिकायत लेकर ही पटेल नगर स्थित मदन मोहन मालवीय अस्पताल इलाज के लिए गए थे। मगर डॉक्टरों ने सही तरीके से जांच-पड़ताल नहीं की और कुछ दवा देकर अस्पताल से छुट्टी दे दी।

बुधवार को भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तब वह बच्ची को मजीदिया अस्पताल ले गए। मजीदिया अस्पताल में बिस्तर और सुविधा की कमी की वजह से वह उसे साकेत सिटी अस्पताल ले गए।

रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो गई थी मौत

Negligence of doctors, because of dengue two girls death

बुधवार दोपहर बच्ची के खून के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया, जिसमें डेंगू की पुष्टि हो गई। डेंगू रिपोर्ट आने के कुछ देर बाद ही बच्ची की मौत हो गई।


अगर मंगलवार को ही डॉक्टर जांच कर डेंगू का इलाज शुरू कर देते तो शायद बेटी बच जाती। इस बारे में मदन मोहन मालवीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि जांच समिति बना दी गई है।

जांच दल इस मामले में ड्यूटी पर मौजूद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की भूमिका की जांच करेगी, जिसने बच्ची को देखा था। इस बीच दिल्ली सरकार के दीपचंदबंधु अस्पताल को बुखार और डेंगू मरीजों के लिए समर्पित कर दिया गया है।

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शरीर में पानी की कमी न होने दें

Negligence of doctors, because of dengue two girls death

एम्स प्रोफेसर के मुताबिक नारियल पानी व बकरी के दूध पर वैज्ञानिक सबूत नहीं  नारियल पानी, बकरी का दूध, पपीता, किवी का बीज, मौसमी का जूस डेंगू मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है, इसके अभी तक कोई वैज्ञानिक और क्लीनिकल सबूत नहीं मिले हैं।


हां यह जरूर है कि डेंगू मरीज अधिक से अधिक लिक्विड पीएं, ओआरएस का घोल लें, शरीर में पानी की कमी न होने दें। दवा का सही तरीके से फायदा हो इसके लिए कुछ अंतराल पर हल्का खाना लेना चाहिए वह भी फैट फ्री।

पेट भर कर खाना नहीं खाना चाहिए। खिचड़ी और केला उपयोगी होता है।

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