नीरज बवानिया गिरोह का इनामी गैंगस्टर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, इन वारदात को दिया था अंजाम
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स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार इंस्पेक्टर मनमोहन की टीम को सूचना मिली थी कि राजकुमार उर्फ भांबा हत्या की वारदातों में शामिल है और दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी विहार में हुई हत्या की वारदात में उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ है। उसके रोहिणी साइड से प्रह्लादपुर में किसी साथी से मिलने आने की सूचना के बाद इंस्पेक्टर संजीव कुमार व एसआई मनमोहन की टीम ने प्रह्लादपुर में राम चौक के पास घेराबंदी की।
करीब 5.05 बजे एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया तो चालक बाइक से कूद भागने लगा। पुलिस टीम ने उसे सरेंडर करने को कहा तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली एसआई आनंद कुमार को लगी, लेकिन बुलट प्रूफ जैकट पहने के कारण वह बच गए। पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, जो राजकुमार के पैर में लगी। इस दौरान पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से सेमी-स्वचालित पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए।
बवानिया के भाई से पैसा लिया तो बन गया गिरोह का शार्पशूटर
राजकुमार ने बताया कि वह आपराधिक वारदात करने के उद्देश्य से प्रह्लादपुर आया था। उसने नीरज बवानिया के भाई पंकज बवानिया के भाई से कुछ रुपये उधार लिए थे, जो अब तक वापस नहीं दे पाया था। ऐसे में वह नीरज बवानिया गिरोह के काम करने लग गया। उसने रोहिणी कोर्ट व बाहरी दिल्ली में हत्या व फिरौती की वारदात को अंजाम दिया है।
इन वारदात को दिया था अंजाम
गैंगस्टर राजकुमार ने अपने साथियों के साथ नीतू दबोदिया गिरोह के प्रदीप उर्फ भोला की 30 अप्रैल, 2014 में रोहिणी कोर्ट परसिर में हत्या की थी। यह वारदात गिरोह के नवीन डबास उर्फ बाली के आदेश के बाद हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। पांच जुलाई, 2016 को राजकुमार ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ उगाही के लिए एक व्यवसायी पर फायरिंग की थी। इसके बाद 29 जुलाई, 2017 में रोहिणी कोर्ट परिसर में नीतू दबोदिया गिरोह के राजेश दुरमुत की हत्या कर दी थी। 13 नवंबर, 2017 को रोहिणी कोर्ट परिसर में ही नीतू दबोदिया गिरोह के विनोद की हत्या कर दी थी।