BJP ने EDMC के लिए खेला उत्तराखंडी कार्ड, नीमा भगत होंगी नई मेयर
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दिल्ली प्रदेश भाजपा ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर पद के मामले में उत्तराखंड कार्ड खेला है। भाजपा ने उत्तराखंड़ मूल की नीमा भगत को पूर्वी दिल्ली नगर निगम का महापौर पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कराया है। उनका 22 मई को सदन की बैठक में निर्विरोध निर्वाचन होगा, क्योंकि महापौर पद पर उनका एक मात्र नामांकन पत्र जमा हुआ है।
नीमा भगत दूसरी बार पार्षद बनी है। वह पहली बार एकीकृत नगर निगम में वर्ष 2007 में पार्षद बनी थी, लेकिन उस दौरान उन्हें कोई भी महत्वपूर्ण पद नहीं मिला था। पूर्वी दिल्ली में बड़ी संख्या में उत्तराखंडी रहने के चलते भाजपा ने उनको महापौर बनाने का निर्णय लिया। वहीं भाजपा ने उपमहापौर पद पूर्वांचल के बिपिन बिहारी सिंह को दिया है।
नीमा भगत की भांति वह निर्विरोध चुने जाएंगे, क्योंकि सदन में भाजपा को पूर्ण बहुमत होने के चलते उनके खिलाफ भी किसी भी दल के पार्षद ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है।
भाजपा ने स्थायी समिति के छह सदस्यों के लिए प्रवेश शर्मा, संतोष, सतपाल सिंह, किरन व कंचन महेश्वरी का नामांकन पत्र दाखिल कराया। जबकि आम आदमी पार्टी ने अपनी पार्षद रेखा त्यागी को समिति का सदस्य बनाने का निर्णय लिया।
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इसके चलते उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिण दिल्ली नगर निगम की भांति पूर्वी दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव नहीं होगा, क्योंकि छह सदस्यों के लिए छह पार्षदों ने नामांकन दाखिल किए है। सदन की 22 मई को होने वाली बैठक में उनका निर्वाचन निर्विरोध होगा।
इस मौके पर नीमा भगत ने ऐलान किया पार्टी के संकल्प पत्र के तहत कार्य किया जाएगा। वह सबसे पहले सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर कार्य करेगी। उन्होंने दिल्ली सरकार से नगर निगम को जल्द से जल्द फंड जारी करने का आग्रह किया।
तीनों नगर निगम के चुनाव में सबसे अधिक मतों से जीती दिल्ली देहात की कमलजीत सहरावत दक्षिण दिल्ली नगर निगम की महापौर बनेगी। उन्होंने दलबल के बीच शुक्रवार को महापौर पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। उसके सामने किसी भी विपक्षी दल के पार्षद ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।
इसके चलते नगर निगम की 19 मई को होने वाली सदन की बैठक में वह निर्विरोध चुनी जाएगी। वहीं भाजपा के कैलाश सांकला उपमहापौर बनेंगे। जबकि स्थायी समिति के छह सदस्यों के लिए तीनों दलों के सात पार्षदों ने नामांकन पत्र दाखिल किए है। इस तरह समिति के आधा दर्जन सदस्यों के चुनाव में तीनों प्रमुख दलों के बीच घमासान होगा।