एनडी तिवारी ने पत्नी को घर से निकाला!
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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नारायण दत्त तिवारी और रोहित शेखर के संबंधों में फिर से खटास आ गई है। डेढ़ माह पूर्व ही तिवारी ने रोहित को अपना बताते हुए इसकी सार्वजनिक घोषणा की थी।
अब रोहित का कहना है कि उन्हें पुत्र मानने के पीछे कोई षड्यंत्र हो सकता है। रोहित ने तिवारी पर अपनी मां को घर से निकालने का आरोप लगाया है।
उधर, पितृत्व विवाद में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान तिवारी या उनके वकील पेश नहीं हुए। अदालत ने समाचार पत्रों के आधार पर रोहित को तिवारी के पुत्र के रूप में डिक्री देने से इंकार करते हुए सुनवाई मंगलवार तय कर दी।
रोहित को नहीं मिला कानूनी दर्जा
रोहित और तिवारी के बीच काफी समय से पितृत्व विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाल ही में रोहित ने आरोप लगाया था कि तिवारी किसी न किसी प्रकार से मामले को लटका रहे हैं।
उधर, हाईकोर्ट ने भी तिवारी को अपना पक्ष रखने के लिए अब समय देने से इंकार कर दिया था। इसी बीच तिवारी ने तीन मार्च को संवाददाता सम्मेलन बुला कर रोहित को अपना पुत्र घोषित कर दिया।
तिवारी ने रोहित को पुत्र तो मान लिया, लेकिन अदालत से अभी डिक्री यानि कानूनी दर्जा नहीं मिला है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई सोमवार को होनी थी। इसी दौरान रोहित ने बताया कि दो दिन पहले तिवारी के बंगले से उनकी मां का सामान बाहर रख दिया गया और उन्हें घर से जाने के लिए मजबूर कर दिया गया।
क्या तिवारी ने रची साजिश?
रोहित ने कहा कि तिवारी द्वारा उन्हें पुत्र स्वीकार करना भी कोई षड्यंत्र हो सकता है। रोहित की मां ने भी तिवारी के आसपास रहने वालों पर धोखा करने का आरोप लगाया है।
न्यायमूर्ति आरएस एंड लॉ के समक्ष सुनवाई के दौरान भी रोहित और उनके अधिवक्ता ने समाचार पत्र पेश करते हुए बताया कि तिवारी ने उन्हें पुत्र मान लिया है। इसलिए उनको डिक्री दी जाए। अदालत ने कहा कि जब उन्हें पुत्र मान लिया गया तो क्या वे अपनी याचिका वापस ले रहे हैं।
रोहित ने याचिका वापस लेने से इंकार कर दिया। अदालत ने भी स्पष्ट कर दिया कि समाचार पत्रों में छपी खबरों के आधार पर डिक्री नहीं दी जा सकती। अदालत ने मामले की सुनवाई 22 अप्रैल तय करते हुए तिवारी के अधिवक्ता को पेश होने का निर्देश दिया है।