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एनडी तिवारी ने की थी नोएडा की स्थापना, हारते नहीं तो पीएम बनते

Fri, 19 Oct 2018 08:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 19 Oct 2018 08:34 AM IST
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ND Tiwari had founded Noida
ND Tiwari

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी ने नोएडा का सपना देखा था। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद जब पहली बार दिल्ली से सटे गांवों को देखा तो यहां पर उन्होंने यूपी के विकास लिए उद्योग नगरी की कल्पना की थी। उन्होंने औद्योगिक नगरी के रूप में 1976 में नोएडा की स्थापना की थी। इसके बाद नोएडा केवल गौतमबुद्घ नगर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का आइना बनकर आज चमक रहा है। प्रदेश के आर्थिक विकास में नोएडा का अहम योगदान है। उन्हें इस शहर से गहरा लगाव था और वह अक्सर यहां आते रहते थे। शहर के लोग बताते हैं कि वह एक बार नोएडा आए थे और अपनी पूरी सुरक्षा को धता बताते हुए निजी कार से कहीं चले गए थे। जब सुरक्षा एजेंसी और अधिकारियों को पता चला तो काफी देर तक अफरातफरी मची रही थी।

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नारायण दत्त तिवारी का निधन देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने दूरगामी कल्पना करके नोएडा का औद्योगिक नगरी के रूप में देखा था। वह एक युगपुरुष थे। उन्होंने किसान, उद्यमी 
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और श्रमिकों को एक साथ लेकर आगे बढ़ने का सपना देखा था जो आज पूरा हो रहा है। -डॉ. महेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री

पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने नोएडा को लेकर जो सपना देखा था। वह साकार हो रहा है। केवल नोएडा ही नहीं बल्कि प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिला है। उनके निधन से 
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देश को बड़ी क्षति हुई है। उनके परिकल्पना के अनुसार ही नोएडा के लिए काम किया जाएगा। -पंकज सिंह, विधायक, नोएडा

पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के बडे़ नेता थे और उन्होंने जो विकास किया है। वह आज तक कोई नहीं कर पाया है। दिल्ली के पास औद्योगिक 
शहर की कल्पना उन्होंने की थी और नोएडा उसी का रूप है। - सुरेंद्र सिंह नागर, सपा राज्यसभा सांसद

नारायण दत्त तिवारी केवल एक नेता नहीं थे बल्कि वह मुख्यमंत्री रहते हुए भी कार्यकर्ता को पूरा सम्मान देते थे। कोई भी कार्यकर्ता कभी भी उनसे मुलाकात करके अपनी समस्या 
रख सकता था। यूपी और उत्तराखंड के लिए जो काम किया है वह अभी तक कोई नहीं कर पाया है। -पीतांबर शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता

एनडी तिवारी कांग्रेस के मुख्य नेताओं में से थे। उन्होंने नोएडा और गाजियाबाद में ट्रोनिका सिटी नाम से औद्योगिक नगरी की कल्पना की थी। उनके समय में उद्योग को जो रफ्तार 
मिली थी उसी से आज तक यूपी-उत्तराखंड का नाम देश में है। -कृपाराम शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता

पैदल चलकर एनडी आए थे नोएडा

ND Tiwari had founded Noida
nd tiwari

बताते हैं कि कांग्रेस द्वारा 20 सूत्रीय कार्यक्रम के दौरान जब दिल्ली से उद्योगों को हटाने की बात आई तो स्व. संजय गांधी से राय मशविरा करके एनडी तिवारी ने नोएडा में करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर देखा था। तब कहा था कि यह खादर का इलाका है, यहां उद्योग लगाने में दिक्कत नहीं होगी। ओखला के नाम पर ही नोएडा को न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) रखा गया था।
 

हारते नहीं तो पीएम बनते

ND Tiwari had founded Noida
एनडी तिवारी
स्थानीय कांग्रेस नेता बताते हैं कि 1991 के लोकसभा चुनाव में एनडी तिवारी हल्द्वानी से चुनाव हार गए थे। अगर चुनाव जीत जाते तो वह देश के प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे थे।

नेहरू युवा केंद्र के आजीवन अध्यक्ष रहे
एनडी तिवारी ने पूरे देश में नेहरू युवा केंद्रों की स्थापना की थी। कांग्रेस ने उन्हें आजीवन अध्यक्ष भी बना दिया था। नोएडा में सेक्टर-11 में नेहरू युवा केंद्र व सेक्टर-6 में इंदिरा गांधी कला केंद्र की स्थापना भी एनडी तिवारी ने ही की थी।

उद्योगों में तोड़फोड़ से दुखी हुए थे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृपाराम शर्मा ने बताया कि ट्रेड यूनियन की हड़ताल के दौरान 2013 में नोएडा की औद्योगिक इकाइयों में आगजनी व तोड़फोड़ हुई थी। तब उन्होंने तत्कालीन नोएडा चेयरमैन को फोन करके कहा था कि नोएडा को बर्बाद मत होने दो। घटना से वह काफी दुखी थे।
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