आज जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा शहर
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शीतला माता मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। नवरात्र के पहले दिन मंगलवार को घरों व मंदिरों में माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की उपासना होगी। सबसे अधिक भीड़ शीतला माता मंदिर में जुटने की संभावना है। अनुमान है कि रोजाना एक से डेढ़ लाख लोग माता के दर्शन के लिए आएंगे।
नवरात्र के पहले दिन से ही माता का जगराता, जागरण, कीर्तन के कार्यक्रम भी शुरू हो जाएंगे। युवा भक्तों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। पहले दिन लोग घरों और मंदिरों में कलश रखकर व्रत का आरंभ करते हैं, इसकी तैयारी में श्रद्धालु जुटे रहे। शीतला माता बोर्ड के सदस्य पंडित अमरचंद भारद्वाज ने बताया कि मंदिर में प्रदेश के ही नहीं पूरे देश से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। यहां भक्ति उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
जिसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। माता के श्रृंगार के लिए सुबह 3.00 बजे कपाट बंद कर दिए जाते हैं। शीतला माता मंदिर के सदस्य बाबूराम शास्त्री ने बताया कि सोमवार को सुबह 11:00 बजे से लेकर मंगलवार को सुबह 08:27 बजे तक अमावस्या रहेगी। मंगलवार को सुबह 8:27 बजे के बाद नवरात्र शुरू होंगे। इसके बाद कलश रखने का मुहूर्त सुबह 11:30 से दोपहर 1:00 बजे तक रहेगा।
पंडित मुकेश ने बताया कि शहर के विभिन्न मंदिरों में नवरात्र के दौरान भव्य आयोजन किया जाएगा। सिद्धेश्व मंदिर में भव्य पूजा-पाठ का आयोजन होगा। राजीव नगर स्थित गुफावाले शिव मंदिर में चैत्र नवरात्र के दौरान नवदुर्गा विग्रह स्थापना समारोह मनाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर ओल्ड रेलवे रोड स्थित प्रेम मंदिर में प्रतिदिन सुबह दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन आदि का आयोजन किया जाएगा।
पूजा सामग्री के दाम बढ़े
वहीं नवरात्र की पूर्व संध्या पर बाजारों में भीड़ लगी हुई थी। पूरा बाजार माता की चुनरी, नारियलों व पूजन सामग्रियों से सजा हुआ है। माता के पूजा सामग्री की दुकान सजाए बैठी रमेश देवी ने बताया की वह सदर बाजार में 10 वर्षों से माता की पूजा सामग्री की दुकान लगाती हैं। पूजा सामग्री के रेट में इस बार थोड़ी तेजी आई है। जिसमें नारियल 20 से 40 रुपये, माता चुनरी 5 रुपये से 550 तक, जोत 20 से 250 रुपये तक, माता का सोलह श्रृंगार 20 से 150 रुपये तक इसके अलावा लोंग-इलायची, कपूर, मिश्री, रोली-मोली, धूप-बती, गंगा जल आदि पूरी सामग्री यहां उपलब्ध हैं।