फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   national high way is becoming confusing in faridabad

नेशनल हाइवे है या भूल-भुलैया, नहीं लगे दिशा सूचक बोर्ड

Tue, 04 Jul 2017 06:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 04 Jul 2017 06:37 PM IST
विज्ञापन
national high way is becoming confusing in faridabad
नेशनल हाईवे सिक्सलेन प्रोजेक्ट ने दिल्ली से आगरा तक का सफर तो आसान किया लेकिन यहां से गुजरने वाले लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। एक के बाद एक फ्लाईओवर ने एनएच-2 की सूरत बदलकर रख दी है लेकिन सुरक्षा के लिहाज से हाईवे पहले के मुकाबले ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
विज्ञापन


पहले जिन चौराहों से शहर की पहचान होती थी अब उन चौराहों पर बने फ्लाईओवर हाईवे से गुजरने वालों को घनचक्कर बना रहे हैं। दरअसल, बदरपुर बॉर्डर से पलवल तक हाईवे पर कहीं कोई दिशा-सूचक बोर्ड नहीं लगा है। सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है, क्योंकि अब तक हाईवे पर रोशनी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। 
विज्ञापन


दिशा सूचक बोर्ड नहीं, वाहन चालकों में भ्रम
नेशनल हाइवे नंबर-2 पर बदरपुर बोर्डर से पलवल की दूरी तकरीबन 40 किलोमीटर है। इस बीच औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के कई  चौराहे पढ़ते हैं, ऐतिहासिक नगरी बल्लभगढ़ भी हाईवे से सटी है। इसके अलावा हाईवे से लगते कई गांव हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिक्सलेन प्रोजेक्ट से पहले हाईवे से गुजरने वाले लोगो को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होती थी लेकिन अब पता ही नहीं चल पता कि कौन सी जगह आ गई है।

दरअसल, फरीदाबाद में एक के बाद एक फ्लाईओवर बन गए हैं। दिशा-सूचक बोर्ड न होने से वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। हाईवे पर वाहन रोककर लोगों को रास्ता पूछना पड़ता है जो खतरे से खाली नहीं है।

रात में असुरक्षित हाईवे का सफर
फरीदाबाद और पलवल में हाईवे पर फ्लाईओवरों पर वाहन फर्राटा भरने लगे हैं लेकिन अधूरी तैयारियों के साथ वाहनो के लिए खोले गए इन फ्लाईओवरों का सफर सुरक्षित नहीं है। शाम ढलते ही हाईवे पर अंधेरा छा जाता है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से हाईवे पर रोशनी के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है।

हाईवे पर पैदल राहगीरों के लिए फुटओवर ब्रिज भी नहीं है, ताकि आसानी से सड़क पार हो सके। ऐसे में रात के अंधेरे में पैदल सड़क पार करने वाले लोग हादसों का सबब बन जाते हैं। 

घटना हुई हुई, तो पुलिस को नहीं बता पाएंगे स्थान
एनएचएआई ने शहर से गुजरने वाले छह में से पांच फ्लाईओवर का कार्य तो पूरा कर दिया है, लेकिन रात के समय सुविधा के नाम पर भी कुछ नहीं है। यदि किसी के साथ कोई घटना हो जाए तो वह पुलिस को भी नहीं बता पाएगा किस स्थान पर उसके साथ घटना हुई है। ऐसे में समय पर पुलिस पीसीआर का पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। 

जान जोखिम में डाल रहा शॉर्टकट
हाईवे पर फ्लाईओवर बनने के बाद प्रमुख कट बंद कर दिए गए हैं। दिशा-सूचक बोर्ड न होने की वजह से अगर कोई अपने गंतव्य से आगे निकल जाता है तो उसे वापस आने के लिए तकरीबन दो से तीन किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, क्योंकि यू-टर्न की व्यवस्था केवल हाईवे पर बनाए गए फ्लाईओवर के नीचे ही है।

ऐसे में सवारियों से भरे ऑटो, दुपहिया व कार वाले शॉर्टकट के लिए जान जोखिम में डाल गलत दिशा में वाहन दौड़ाते दिख जाते हैं। कहीं पुलिस की कोई निगरानी नहीं है।

सिक्सलेन प्रोजेक्ट का काम अभी खत्म नहीं हुआ है। हाईवे पर लाइटें लगाने का काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। इसके अलावा दिशा-सूचक बोर्ड भी जल्द ही लगा दिए जाएंगे। -सचिंद्र, परियोजना प्रबंधक 


हम इसी शहर के रहने वाले हैं लेकिन हाईवे के बदले हालात से हम भी चकरा जाते हैं कि आखिर चलते-चलते पहुंच कहा गए। एनएचएआई को दिशा-सूचक बोर्ड व लाइटें प्राथमिकता से लगवानी चाहिंए। -नरेश वर्मा, उद्योगपति-सेक्टर छह

08 फ्लाईओवर फरीदाबाद-पलवल के बीच
06 फ्लाईओवरों पर वाहन भरने लगे फर्राटा
40 किलोमीटर है फरीदाबाद-पलवल की दूरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed