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Delhi NCR News: असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन
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- सामाजिक सुरक्षा, पहचान और नीतिगत सुधारों को लेकर उठी मजबूत आवाज
नई दिल्ली। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और नीतिगत चुनौतियों पर गहन मंथन किया गया। भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और श्रम मंत्रालय के प्रतिनिधियों सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन अब भी वे सामाजिक सुरक्षा और औपचारिक पहचान से वंचित हैं। आईएलओ के मुख्य तकनीकी अधिकारी जियोवानी सोलेदाद ने बताया कि अधिकांश श्रमिकों के पास लिखित अनुबंध, स्वास्थ्य बीमा या पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे वे आर्थिक संकट में असुरक्षित हो जाते हैं।
वहीं प्रियांक कानूंगो ने श्रमिक अधिकारों को मानवाधिकार से जोड़ते हुए कहा कि नए श्रम कानूनों का उद्देश्य करोड़ों श्रमिकों को लाभ पहुंचाना है, जिसके लिए जागरूकता जरूरी है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे परिमल कांति मंडल ने निश्चित वेतन, नियुक्ति पत्र और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई। संवाद
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नई दिल्ली। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और नीतिगत चुनौतियों पर गहन मंथन किया गया। भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और श्रम मंत्रालय के प्रतिनिधियों सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन अब भी वे सामाजिक सुरक्षा और औपचारिक पहचान से वंचित हैं। आईएलओ के मुख्य तकनीकी अधिकारी जियोवानी सोलेदाद ने बताया कि अधिकांश श्रमिकों के पास लिखित अनुबंध, स्वास्थ्य बीमा या पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे वे आर्थिक संकट में असुरक्षित हो जाते हैं।
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वहीं प्रियांक कानूंगो ने श्रमिक अधिकारों को मानवाधिकार से जोड़ते हुए कहा कि नए श्रम कानूनों का उद्देश्य करोड़ों श्रमिकों को लाभ पहुंचाना है, जिसके लिए जागरूकता जरूरी है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे परिमल कांति मंडल ने निश्चित वेतन, नियुक्ति पत्र और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई। संवाद
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