{"_id":"60c9d712fff3ce7d3a7db53f","slug":"natasha-narwal-said-now-we-will-be-able-to-talk-about-our-father","type":"story","status":"publish","title_hn":"नताशा नरवाल अब हम अपने पिता के बारे में दिल से बात कर सकेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नताशा नरवाल अब हम अपने पिता के बारे में दिल से बात कर सकेंगे
Wed, 16 Jun 2021 04:18 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 16 Jun 2021 04:18 PM IST
सार
- नताशा के भाई आकाश ने बहन को जमानत मिलने पर दी प्रतिक्त्रिस्या
विज्ञापन
अदालत
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिंजरा तोड़ समूह की कार्यकर्ता नताशा नरवाल को पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों के मामले में मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद उनके भाई आकाश ने कहा कि इस खबर ने उन्हें उदास व राहत महसूस कराई है। बीते माह नताशा पिता महावीर नरवाल का कोरोना के कारण निधन हो गया था। नताशा को पिता की मृत्यु के बाद तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी।
जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद तिहाड़ जेल में उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। आकाश ने कहा कि मुझे कल रात (सोमवार) 11 बजे पता चला कि जमानत आदेश मंगलवार के लिए सूचीबद्ध है। मैं उस समय प्रतिक्रिया नहीं कर सका। मैं खुश था कि मामला सुनवाई के लिए आ रहा था लेकिन नतीजे के बारे में निश्चित नहीं था। उन्होंने कहा कि बड़ी बहन को जमानत मिल गई इससे उन्हें राहत महसूस हुई।
जब हमारे पिताजी का निधन हुआ था तब मुझे इस बात का दुख हुआ था कि नताशा उनसे बात नहीं कर सकी। आकाश ने कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि पिता के आखिरी विचार नताशा के बारे में रहे होंगे। जमानत के आदेश की खबर से मुझे राहत और दुख दोनों हुए। सामान्य परिस्थितियों में यह एक उत्सव होता लेकिन हर पल सोचा कि हमारे पिता अपनी बेटी को देखकर कितने खुश होते। आकाश के अनुसार जब नताशा की जमानत की अवधि समाप्त होने वाली थी, तब एक दो दिन पहले मैंने नताशा से बात करने की हिम्मत जुटाई। अब हम अपने पिता के बारे में दिल से बात कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद तिहाड़ जेल में उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। आकाश ने कहा कि मुझे कल रात (सोमवार) 11 बजे पता चला कि जमानत आदेश मंगलवार के लिए सूचीबद्ध है। मैं उस समय प्रतिक्रिया नहीं कर सका। मैं खुश था कि मामला सुनवाई के लिए आ रहा था लेकिन नतीजे के बारे में निश्चित नहीं था। उन्होंने कहा कि बड़ी बहन को जमानत मिल गई इससे उन्हें राहत महसूस हुई।
विज्ञापन
जब हमारे पिताजी का निधन हुआ था तब मुझे इस बात का दुख हुआ था कि नताशा उनसे बात नहीं कर सकी। आकाश ने कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि पिता के आखिरी विचार नताशा के बारे में रहे होंगे। जमानत के आदेश की खबर से मुझे राहत और दुख दोनों हुए। सामान्य परिस्थितियों में यह एक उत्सव होता लेकिन हर पल सोचा कि हमारे पिता अपनी बेटी को देखकर कितने खुश होते। आकाश के अनुसार जब नताशा की जमानत की अवधि समाप्त होने वाली थी, तब एक दो दिन पहले मैंने नताशा से बात करने की हिम्मत जुटाई। अब हम अपने पिता के बारे में दिल से बात कर सकेंगे।
विज्ञापन