तिहाड़ में रहस्य बन गई मौत, एक और कैदी ने दी जान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तिहाड़ जेल में विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर हत्या के एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई।
मरने वाले की पहचान रविंद्र (29) के रूप में हुई है। उसके पास से कोई सुइसाइड नोट नहीं मिला है। वह जेल नंबर एक के सेल संख्या आठ में बंद था। वहीं पर वह कपड़े से फंदा लगाए मिला।
हरिनगर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि रविंद्र ने जेल के भीतर गमछे से फंदा लगा लिया है।
ग्रिल से लटका मिला शव
मौके पर पुलिस ने पाया कि उसने जेल की ग्रिल से गमछे की मदद से फांसी लगाई थी। पुलिस ने उसे नीचे उतारकर अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में पता चला कि रविंद्र 2010 में हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में आया था। उसके बाद उसे 2012 में डकैती के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जेल से जमानत पर निकलने के बाद वह 2014 में हत्या के मामले में तिहाड़ में बंद हुआ। उसके बाद से वह जेल में ही था। कैदी के खुदकुशी करने के कारणों के बारे में खुलासा नहीं हो पाया है।
तिहाड़ में जारी है मौत का सिलसिला
उसके साथ रहने वाले अन्य कैदियों ने पुलिस को बताया कि रविंद्र धार्मिक था। वह अक्सर पूजा पाठ करता था। उसने किस वजह से खुदकुशी की है, इसका खुलासा किसी ने भी नहीं किया है।
जेल प्रशासन ने रविंद्र की खुदकुशी करने के बाद पुलिस और एसडीएम को मामले की जानकारी दे दी थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल- पुलिस सूत्रों की मानें तो हर जेल के बैरक में दो से तीन बार्डर हमेशा मौजूद होते हैं। वहीं सभी बैरक में करीब 100 कैदी होते हैं। ऐसे में रविंद्र ने दिनदहाड़े कैसे खुदकुशी कर ली, यह बात किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही है।
माना जा रहा है कि जेल की सुरक्षा में कोताही बरती जा रही है। यही वजह है कि कुछ दिन पहले तिहाड़ जेल से दो कैदी भागने में कामयाब हो गए थे। हालांकि, बाद में उन्हें पकड़ लिया गया।